Last Updated on October 6, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। समाहरणालय स्थित अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में उपायुक्त रामनिवास यादव ने जनता दरबार का आयोजन कर जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे आम नागरिकों की समस्याओं और शिकायतों की सुनवाई की। इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी व्यक्तिगत, सामाजिक एवं प्रशासनिक समस्याओं को उपायुक्त के समक्ष रखा।
उपायुक्त ने प्रत्येक फरियादी की बात को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित विभागों व अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
संवेदनशीलता और पारदर्शिता से हो समस्याओं का समाधान
उपायुक्त रामनिवास यादव ने उपस्थित पदाधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि जनसामान्य से प्राप्त शिकायतों के निष्पादन में संवेदनशीलता, पारदर्शिता और तत्परता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पात्र मामलों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई हो, ताकि आम जनता को अनावश्यक रूप से सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें।
“जनता की समस्याओं का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अधिकारी शिकायतों को महज एक आवेदन न समझें, बल्कि समाधान के दृष्टिकोण से गंभीरता से लें।”
— रामनिवास यादव, उपायुक्त (गिरिडीह)

प्रमुख मुद्दे एवं प्राप्त आवेदन
जनता दरबार के दौरान जिले भर से आए लोगों ने कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने आवेदन सौंपे:
- भूमि एवं राजस्व मामले
- सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण योजनाएं
- आवास और पेंशन से जुड़ी शिकायतें
- रोजगार, सड़क एवं अन्य मूलभूत सुविधाएं
लंबित मामलों की होगी नियमित समीक्षा
उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को मामलों की स्थल जांच कर नियमानुकूल कार्रवाई करने और आवेदकों को उसकी अद्यतन स्थिति से अवगत कराने का निर्देश दिया। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों का निष्पक्ष निष्पादन करें और लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति पर नज़र बनाए रखें।
इस मौके पर जिला जनसंपर्क पदाधिकारी (DPRO) अंजना भारती सहित विभिन्न विभागों के अन्य वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।




