अरगाघाट पुल की जर्जर हालत से मंडरा रहा बड़े हादसे का खतरा, 1 साल बाद भी नहीं मिला मरम्मत का वर्क ऑर्डर

Last Updated on September 10, 2026 by Gopi Krishna Verma गिरिडीह। गिरिडीह-मधुपुर मुख्य मार्ग को जोड़ने वाला और सिरसिया, पाण्डेयडीह, महेशमुंडा तथा जामताड़ा के निवासियों के लिए जीवनरेखा माना जाने वाला अरगाघाट पुल इस समय अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। प्रतिदिन हजारों नागरिकों, स्कूली बच्चों और व्यापारियों की आवाजाही वाले इस पुल की…

Last Updated on September 10, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। गिरिडीह-मधुपुर मुख्य मार्ग को जोड़ने वाला और सिरसिया, पाण्डेयडीह, महेशमुंडा तथा जामताड़ा के निवासियों के लिए जीवनरेखा माना जाने वाला अरगाघाट पुल इस समय अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। प्रतिदिन हजारों नागरिकों, स्कूली बच्चों और व्यापारियों की आवाजाही वाले इस पुल की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है, जिससे हर पल किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है।

विभाग की घोर उदासीनता का आलम यह है कि लगभग एक वर्ष पूर्व प्राक्कलन तैयार कर रांची भेजे जाने के बावजूद अब तक मरम्मत कार्य का कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी नहीं हो सका है।

प्रमुख समस्याएं और खतरे

  • टूटी रेलिंग और क्षतिग्रस्त सड़क: पुल की सुरक्षा रेलिंग का बड़ा हिस्सा टूट चुका है और सड़क की सतह जगह-जगह से उखड़ गई है।
  • संरचनात्मक कमजोरी: पुल के ढांचे में स्पष्ट रूप से दरारें और ढांचागत कमजोरियां दिखाई दे रही हैं, जिससे भारी वाहनों की आवाजाही जोखिम भरी हो गई है।
  • स्थानीय जीवन प्रभावित: क्षेत्रीय व्यापार, स्वास्थ्य सेवाओं और दैनिक आवागमन पर इस बदहाली का सीधा और प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

विभागीय पत्राचार और देरी की स्थिति

विवरणतिथि / पत्रांकवर्तमान स्थिति
तकनीकी स्वीकृति हेतु पत्रपत्रांक 918 (दिनांक: 09.10.2025)मुख्य अभियंता, रांची को प्रेषित किया गया
सूचना पत्र जारी होने की तिथि03 जुलाई, 2026आवेदक को प्रेषित करने में 2 माह की देरी
सूचना प्राप्ति की तिथि09 सितंबर, 2026लगभग 1 साल बाद भी कार्यादेश लंबित

आरटीआई और सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि 3 जुलाई 2026 की तारीख वाला पत्र उन्हें 9 सितंबर 2026 को भेजा गया। जनहित के इतने गंभीर मामले में दो महीने तक पत्र दबाए रखना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।

प्रशासन से प्रमुख मांगें

  • अरगाघाट पुल का तत्काल तकनीकी निरीक्षण कर उसकी स्थिति सार्वजनिक की जाए।
  • स्थायी निर्माण शुरू होने तक पुल पर अस्थायी सुरक्षा बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं।
  • मरम्मत व पुनर्निर्माण के लिए अविलंब कार्यादेश जारी कर समय-सीमा तय की जाए।
  • इस घोर लापरवाही और देरी के जिम्मेदार अधिकारियों पर जवाबदेही तय हो।

जनसुरक्षा से जुड़े इस अति-संवेदनशील मामले में अब कागजी पत्राचार के बजाय जमीनी कार्रवाई की सख्त जरूरत है, ताकि किसी संभावित अनहोनी को समय रहते टाला जा सके।

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Pappu Kumar Verma

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About the editor

Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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