Last Updated on September 9, 2026 by Gopi Krishna Verma
नगर और मुफस्सिल को मिले नए कमान संभालने वाले अफसर


गिरिडीह: जिले में बेपटरी होती कानून-व्यवस्था को पटरी पर लाने और अपराधियों के मंसूबों पर पानी फेरने के लिए गिरिडीह पुलिस महकमे में एक बड़ी शल्य-क्रिया (बड़ा फेरबदल) की गई है। पुलिस अधीक्षक डॉ. विमल कुमार ने शहर के दो सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण पुलिस अंचलों की कमान नए हाथों में सौंप दी है। एसपी का यह कदम जिला पुलिस की ‘आक्रामक पुलिसिंग’ और जन-सुरक्षा के प्रति शून्य-सहनशीलता (जीरो टॉलरेंस) की नीति का हिस्सा माना जा रहा है।
इस बड़े प्रशासनिक सर्जरी के केंद्र में शहर के दो प्रमुख इलाके—नगर थाना और मुफस्सिल थाना रहे।
किसे मिली क्या जिम्मेदारी
- नगर थाना: शहर के सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से संवेदनशील नगर थाना की कमान अब श्याम किशोर संभालेंगे।
- मुफस्सिल थाना: पचंबा इंस्पेक्टर ज्ञान रंजन के पिछले प्रदर्शन और अनुभव को देखते हुए उन्हें मुफस्सिल थाना प्रभारी की अहम जिम्मेदारी दी गई है।

बदलाव के पीछे की रणनीति: सुरक्षा, गश्ती और त्वरित कार्रवाई
यह फेरबदल केवल रूटीन तबादला नहीं है, बल्कि गिरिडीह शहर और उसके आसपास के इलाकों में अपराध की कमर तोड़ने की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। नगर और मुफस्सिल—ये दोनों ही क्षेत्र आपराधिक और सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं।
एसपी डॉ. विमल कुमार के इस फैसले के बाद नए थाना प्रभारियों के सामने मुख्य रूप से ये चुनौतियां होंगी:
- रात्रिकालीन गश्ती को धार देना: शहर के गली-मोहल्लों से लेकर प्रमुख चौराहों तक गश्ती व्यवस्था को सख्त करना।
- अपराधियों में खौफ और जनता में विश्वास: संगठित अपराध, चोरी और छिनैती जैसी घटनाओं पर तत्काल अंकुश लगाना।
- त्वरित पुलिस रिस्पॉन्स: किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलते ही पुलिस का त्वरित मौके पर पहुँचना सुनिश्चित करना।

नए प्रभारियों की असली परीक्षा अब शुरू
जिले के पुलिस कप्तान की ओर से मिली इस नई जिम्मेदारी के बाद अब गेंद श्याम किशोर और ज्ञान रंजन के पाले में है। देखने वाली बात होगी कि नए अधिकारी किस तरह अपने इलाकों में पुलिसिंग का नया ढर्रा स्थापित करते हैं और अपराधियों के खिलाफ कितनी सख्त कार्रवाई कर आम जनता को सुरक्षा का भरोसा दिला पाते हैं।




