Last Updated on August 31, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। जिले के तिसरी थाना क्षेत्र स्थित प्रसिद्ध जमामो माता मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था को निशाना बनाने वाले एक पारिवारिक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर ‘फैमिली गैंग’ के चार सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया है, जिसमें मां, बेटा, बहू और चचेरी बहन शामिल हैं।
मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हथियार
29 अगस्त को जमामो माता मंदिर में दर्शन करने आईं दो महिला श्रद्धालुओं के साथ स्नैचिंग की घटना घटी थी। शातिर गिरोह ने भीड़ का फायदा उठाकर एक महिला के गले से सोने की चेन और दूसरी के गले से सोने का लॉकेट उड़ा लिया। पीड़ित अजीत कुमार साहू की शिकायत (कांड संख्या 72/26) पर गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार ने तुरंत एसआईटी (SIT) का गठन किया।

सीसीटीवी से सुराग, डोरंडा से खुली पहली कड़ी
एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में एसआईटी ने मंदिर परिसर और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच की। फुटेज और स्थानीय ग्रामीणों के इनपुट के आधार पर पुलिस डोरंडा स्थित एक किराये के मकान तक पहुंची, जहां से अंशु कुमारी को हिरासत में लिया गया। अंशु से पूछताछ में पूरा पारिवारिक ‘क्राइम मॉडल’ सामने आ गया।
बिहार के नवादा में छापेमारी, पूरा कुनबा गिरफ्तार
अंशु के बयानों के आधार पर तिसरी थाना प्रभारी शंभू नन्द ईश्वर के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिहार के नवादा जिले के सिरदला थाना क्षेत्र स्थित प्रतापपुर गांव में दबिश दी। वहां से पुलिस ने गिरोह के बाकी तीन सदस्यों को दबोच लिया:
- टिंकल मिश्रा (पिता: विक्की मिश्रा)
- सरिता देवी (पति: विक्की मिश्रा – मां)
- मुस्कान देवी (पति: टिंकल मिश्रा – बहू)
- अंशु कुमारी (पिता: लालजीत मिश्रा – चचेरी बहन)
चोरी का माल बरामद, अंतरराज्यीय नेटवर्क का खुलासा
पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर डोरंडा स्थित किराये के मकान से चोरी की गई सोने की चेन, सोने का लॉकेट और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि यह परिवार कोई आम अपराधी नहीं है, बल्कि इनका आपराधिक इतिहास रहा है और ये बिहार तथा झारखंड के धार्मिक व भीड़भाड़ वाले स्थानों में चेन स्नैचिंग की घटनाओं को अंजाम देते थे।

गिरोह के पर्दाफाश में इन पुलिस कर्मियों का रहा अद्भुत योगदान
इस त्वरित कार्रवाई और गिरोह का पर्दाफाश करने में एसडीपीओ अमरेंद्र कुमार, इंस्पेक्टर रोहित महतो, थाना प्रभारी शंभू नन्द ईश्वर, एसआई लव कुमार, एसआई मो. मूसा, निरंजन राय, नीरज कुमार सिंह, राहुल यादव और मीना मुर्मू की सराहनीय भूमिका रही। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि गिरोह ने पूर्व में और कहां-कहां ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है।




