Last Updated on August 31, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की CGL (कंबाइंड ग्रेजुएट लेवल) परीक्षा में हुई धांधली और पेपर लीक मामले में आपराधिक अनुसंधान विभाग (CID) की विशेष जांच टीम (SIT) को लगातार बड़ी सफलताएं मिल रही हैं। जांच टीम ने गिरिडीह जिले के बेंगाबाद से एक और सफल अभ्यर्थी समीर कुमार को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही CID ने परीक्षा संचालित करने वाली एजेंसी ‘वेबेल’ (Webel) और प्रिंटिंग प्रेस ‘ICN’ के बीच हुए करोड़ों के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का भी पर्दाफाश किया है।
पूछताछ में खुला राज, बेंगाबाद से धराया समीर
मामले की जांच कर रही CID की SIT को पूर्व में गिरफ्तार आरोपी अभय तिवारी से पूछताछ के दौरान समीर कुमार के बारे में अहम सुराग मिले थे। अभय तिवारी ने खुलासा किया था कि गिरिडीह के बेंगाबाद का रहने वाला समीर न केवल खुद गलत तौर-तरीकों और फर्जीवाड़े का सहारा लेकर परीक्षा में पास हुआ, बल्कि उसने अन्य अभ्यर्थियों को भी सेटिंग के लिए गिरोह तक पहुंचाया था। इस खुलासे के तुरंत बाद CID टीम ने छापेमारी कर समीर को धर दबोचा।

प्रिंटिंग प्रेस से साठगांठ और 5 करोड़ का वित्तीय लेन-देन
CID की जांच में परीक्षा आयोजक एजेंसी की बड़ी लापरवाही और संदिग्ध भूमिका भी सामने आई है:
- पेटी कांट्रैक्ट पर छपाई: JSSC से परीक्षा आयोजन का ठेका पश्चिम बंगाल सरकार की सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रम (PSU) कंपनी वेबेल (Webel) को मिला था। हालांकि, वेबेल ने नियमों और गोपनीयता को ताक पर रखकर प्रश्न पत्र और OMR शीट की छपाई का काम गुड़गांव स्थित ICN प्रेस को सौंप दिया।
- करोड़ों का भुगतान: परीक्षा के लिए लगभग 19 लाख प्रश्न पत्र छपवाए गए थे। इसके लिए वेबेल ने प्रति प्रश्न पत्र 25 से 30 रुपये की दर से ICN प्रेस को करीब 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
- गोपनीयता भंग होने का संदेह: CID अब इस भारी-भरकम वित्तीय लेन-देन और प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुए प्रश्नों के तारों को जोड़ रही है।

वेबेल के दो कर्मी गिरफ्तार, 5 दिनों की रिमांड पर
कोलकाता स्थित वेबेल के कार्यालय में छापेमारी और दस्तावेजों की जब्ती के बाद CID ने परीक्षा गतिविधियों को संभालने वाले दो मुख्य कर्मियों—सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार को गिरफ्तार कर लिया है।
अदालत से अनुमति मिलने के बाद CID की SIT दोनों आरोपियों को 5 दिनों की पुलिस रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ कर रही है। CID को उम्मीद है कि सोमांश और राहुल से पूछताछ में इस पूरे सिंडिकेट के सरगना और लीक प्रक्रिया में शामिल अन्य सफेदपोशों के नामों का खुलासा होगा।
मामले के मुख्य बिंदु
- नया आरोपी गिरफ्तार: गिरिडीह (बेंगाबाद) से सफल अभ्यर्थी समीर कुमार गिरफ्तार।
- एजेंसी की गड़बड़ी: परीक्षा संचालित करने वाली कंपनी ‘वेबेल’ ने गुड़गांव के ‘ICN प्रेस’ से छपवाए थे 19 लाख प्रश्न पत्र।
- बड़ा लेन-देन: छपाई के नाम पर दिए गए लगभग ₹5 करोड़।
- रिमांड पर आरोपी: वेबेल के कर्मी सोमांश प्रकाश और राहुल कुमार से 5 दिनों की रिमांड में जारी है कड़ाई से पूछताछ।




