Last Updated on July 1, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। मानवाधिकार संगठन हेल्पिंग कॉर्प्स फाउंडेशन के राज्य महासचिव राजेश सिन्हा ने बुधवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में गिरिडीह जिले में कथित रूप से संचालित अवैध अल्ट्रासाउंड केंद्रों एवं भ्रूण लिंग जांच के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गिरिडीह जिले के सरिया, डुमरी, राजधनवार, जमुआ सहित विभिन्न क्षेत्रों में कई अवैध नर्सिंग होम एवं अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालित होने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं
इन केंद्रों में अल्ट्रासाउंड के नाम पर भ्रूण लिंग जांच तथा भ्रूण हत्या जैसे गंभीर अपराधों को बढ़ावा दिए जाने की आशंका जताई जा रही है।राजेश सिन्हा ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण ऐसे लोगों का मनोबल बढ़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रभाव, पैरवी एवं धनबल के कारण कई मामलों में जांच आगे नहीं बढ़ पाती और शिकायतें ठंडे बस्ते में चली जाती हैं।

उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर योग्य चिकित्सकों के नाम एवं दस्तावेजों का उपयोग कर कुछ लोग स्वयं अल्ट्रासाउंड संचालन का कार्य कर रहे हैं तथा भारी रकम लेकर भ्रूण लिंग जांच एवं अवैध गतिविधियों में संलिप्त होने की शिकायतें मिल रही हैं। यदि इन आरोपों में सच्चाई है तो यह न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि समाज के लिए भी अत्यंत चिंताजनक विषय है।
राजेश सिन्हा ने कहा कि भ्रूण लिंग जांच को रोकने के लिए देश में PCPNDT अधिनियम के तहत सख्त कानूनी प्रावधान बनाए गए हैं। इसके बावजूद यदि कहीं अवैध गतिविधियां संचालित हो रही हैं तो संबंधित विभागों द्वारा प्रभावी कार्रवाई किया जाना आवश्यक है।उन्होंने प्रशासन से मांग की कि संदिग्ध केंद्रों की जांच हेतु विशेष अभियान चलाया जाए, आवश्यक होने पर स्टिंग ऑपरेशन कर दोषियों की पहचान की जाए तथा “बेटी बचाओ” अभियान को सफल बनाने के लिए कड़ी निगरानी सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि गिरिडीह जिले के सरिया, डुमरी और राजधनवार जैसे क्षेत्रों में पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीनों के दुरुपयोग की शिकायतों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति या संस्थान कानून का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से यह कार्य कर रहा है तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। हेल्पिंग कॉर्प्स फाउंडेशन के मानवाधिकार प्रकोष्ठ की ओर से प्रशासन से मांग की गई कि मामले का संज्ञान लेकर व्यापक जांच कराई जाए तथा दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों एवं संस्थानों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।




