गिरिडीह: शहर के बहुचर्चित मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल मर्सी में 17 मई को विशाल नि:शुल्क परामर्श मेगा शिविर का होगा आयोजन
Last Updated on May 15, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। शहर के अग्रणी मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल Mercy Hospital द्वारा आगामी 17 मई 2026 (रविवार) को एक विशेष निःशुल्क परामर्श शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर अस्पताल परिसर में सुबह 10:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें विभिन्न विभागों के अनुभवी एवं विशेषज्ञ चिकित्सक मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श प्रदान करेंगे।अस्पताल प्रबंधन के अनुसार इस शिविर का मुख्य उद्देश्य गिरिडीह एवं आसपास के ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना तथा लोगों को समय रहते सही चिकित्सा परामर्श देना है। शिविर के दौरान मरीजों को कई महत्वपूर्ण बिमारियों की प्रारंभिक जांच एवं उचित उपचार संबंधी सलाह दी जाएगी।

इस निःशुल्क परामर्श शिविर में जनरल एवं लैप्रोस्कोपिक सर्जरी डॉ. अनुज अनिल लड्डा, ऑर्थोपेडिक एवं ट्रॉमा सर्जरी – डॉ. रोइश उद्दीन, मेडिसिन एवं क्रिटिकल केयर डॉ. मो० शहज़ाद शेख, स्त्री एवं प्रसूति रोग डॉ. लीलावती पाडिगेला, बाल रोग डॉ. प्रियंका अग्रवाल, दंत रोग डॉ. विशाल शाहाबादी एवं (स्क्वाइन लीडर) डॉ. सौरभ जगनानी (सेवानिवृत्त), त्वचा रोग डॉ. फरहा आज़ाद, ईएनटी, सिर और गर्दन रोग डॉ विवेक डोकानिया, रेडियोलॉजी – डॉ निकेश सिंह तथा गुर्दा एवं मूत्र रोग डॉ. श्रवण कुमार उपस्थित रहेंगे। मरीज अपनी स्वास्थ्य समस्याओं के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों से सीधे परामर्श ले सकेंगे।शिविर के दौरान मरीजों के लिए शुगर एवं बी.पी. की निःशुल्क जांच की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा श्वास संबंधी समस्याओं से जूझ रहे मरीजों के लिए फ्री स्पाइरोमेट्री / पीएफटी टेस्ट भी उपलब्ध रहेगा, जिससे फेफड़ों की कार्यक्षमता की जांच की जा सकेगी।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि शिविर में आने वाले मरीजों को जांच एवं उपचार पर 20 प्रतिशत तक की विशेष छूट भी प्रदान की जाएगी, ताकि जरूरतमंद मरीज कम खर्च में बेहतर इलाज का लाभ उठा सकें।मर्सी हॉस्पिटल के प्रबंधन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे इस स्वास्थ्य शिविर में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर विशेषज्ञ डॉक्टरों से परामर्श लें तथा अपने स्वास्थ्य की नियमित जांच कराएं। अस्पताल का मानना है कि समय पर जांच एवं सही सलाह से कई गंभीर बीमारियों से बचाव संभव है।
