220 खाद्य कारोबारियों का फॉसटैक प्रशिक्षण संपन्न

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Last Updated on May 13, 2026 by Gopi Krishna Verma

सभी खाद्य कारोबारियों के लिए फूड लाइसेंस अथवा रजिस्ट्रेशन अनिवार्य

गिरिडीह। मंगलवार को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा विनियम, 2011 की अनुसूची-IV के प्रावधानों के अनुरूप भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के फॉसटैक (FoSTaC) कार्यक्रम के अंतर्गत खाद्य व्यवसाय संचालकों को “लाईसेंस एवं पंजीकरण के नियम और शर्तों” से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु दिनांक 11 एवं 12 मई 2026 को मातृत्व एवं शिशु इकाई, चैताडीह, गिरिडीह में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम में कुल 220 खाद्य कारोबारियों एवं फूड हैंडलर्स ने भाग लिया। इसके अतिरिक्त आगामी 13 मई 2026 को साहू धर्मशाला, चाँदनी चौक, राजधनवार, गिरिडीह में भी इसी प्रकार का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।कार्यक्रम में भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के सूचीबद्ध प्रशिक्षक डॉ. राकेश सिंह द्वारा कैटरिंग, मैन्युफैक्चरिंग एवं रिटेल व्यवसाय से संबंधित गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिस (GMP), गुड हाइजीनिक प्रैक्टिस (GHP), स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तथा फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम (FSMS) पर विस्तृत जानकारी दी गई।

प्रशिक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा के विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों जैसे खाद्य सुरक्षा के खतरे, खाद्य विषाक्तता एवं संक्रमण, एलर्जी, खाद्य जनित एवं गैर-संचारी रोग, फूड ग्रेड रंग, पैकेजिंग सामग्री, बर्तन, एडिटिव्स एवं प्रिजर्वेटिव्स, डेंजर जोन, सुरक्षित भंडारण, व्यक्तिगत एवं कार्यस्थल की स्वच्छता, मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट, पैकेजिंग एवं लेबलिंग नियम, पेयजल मानक, कीट नियंत्रण, परिवहन, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड तथा कचरा प्रबंधन पर विशेष रूप से चर्चा की गई। यह प्रशिक्षण शिविर फॉसटैक के ट्रेनिंग पार्टनर 360 रिसर्च फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया। प्रशिक्षण प्राप्त सभी खाद्य कारोबारियों को भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण द्वारा अनुमोदित प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।

मौके पर उपस्थित खाद्य सुरक्षा अधिकारी, गिरिडीह, राजा कुमार ने कहा कि सभी खाद्य कारोबारियों के लिए फूड लाइसेंस अथवा रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। बिना लाइसेंस या पंजीकरण के व्यवसाय संचालित करने पर जुर्माने का प्रावधान है। उन्होंने प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई बनाए रखने तथा ‘मिसब्रांडिंग’ के खतरों के प्रति भी कारोबारियों को जागरूक किया।

कार्यक्रम को सफल बनाने में 360 रिसर्च फाउंडेशन के प्रोजेक्ट कोऑर्डिनेटर अमीत कुमार सिंह, क्षेत्रीय प्रोजेक्ट मैनेजर राहुल कुमार, शुभम कुमार तथा खाद्य सुरक्षा कार्यालय, गिरिडीह के मो. वसीम अकरम एवं मनीष कुमार का विशेष योगदान रहा।

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