राज्यपाल से आयुष क्षेत्र में सुधार की मांग को लेकर मिले आईएए के राष्ट्रीय व प्रदेश अध्यक्ष

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Last Updated on April 22, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। मंगलवार को झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार से इण्डियन आयुष एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनम्र सिंह व झारखंड प्रदेश के होम्योपैथ छात्रसंघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. प्रदीप कुमार वर्मा ने आयुष छात्र-छात्राओं व वैद्यों/डाक्टरों की समस्याओं के समाधान हेतु राजभवन में उनके आवास पर मुलाकात की।

एसोसिएशन की तरफ से माननीय राज्यपाल को प्रतीक चिन्ह भेंट किया गया। इस मुलाकात में छात्र-छात्राओं की मुख्य समस्या पुनर्मूल्यांकन, इंटर्नशिप वजीफा, प्रदेश में आयुष अस्पतालों में इजाफा कर स्थायी भर्ती, नेक्स्ट परीक्षा पर पुनर्विचार, प्रदेश में आयुष कालेजों में इजाफा व वैद्यों/डाक्टरों की मुख्य समस्या आयुष सीएचओ को एमओ (आयुष), वेतन वृद्धि के साथ पीबीआई के साथ वेतन के विलय पर चर्चा कर ज्ञापन सौंपा गया।

राज्यपाल ने उन लोगों की समस्याओं के निवारण को लेकर आयुष मंत्रालय को पत्र भेजने का आश्वासन दिया है। 2021 बैच से सभी आयुष छात्र/छात्राओं का पुनर्मूल्यांकन बंद कर दिया गया है। साथ ही परीक्षा उत्तरपुस्तिका दिखाना बंद कर दिया गया है। आपसे अनुरोध है कि इसको पुनः प्रारम्भ करवाने का कष्ट करें। राजकीय आयुष कॉलेजों की भांति प्राइवेट कॉलेजों के इंटर्नशिप छात्र-छात्राओं को इंटर्नशिप वजीफा में समानता प्रदान की जाए, जिससे अभिभावकों पर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई का दबाव कम हो सके।

प्रदेश में आयुष अस्पतालों में इजाफा कर स्थायी भर्ती का कार्य किया जाए, साथ ही राजकीय जिला अस्पतालों में आयुष चिकित्सकों के पदों की संख्या बढ़ाकर समान वेतन की व्यवस्था की जाए। राष्ट्रीय स्तर पर हो रहे एलोपैथ व आयुष छात्र-छात्राओं व चिकित्सकों में भेदभाव जैसे राष्ट्रीय निकास परीक्षा (नेक्स्ट परीक्षा) को दूर कर समान रूप से संचालित करवाने में सहयोग प्रदान करें। झारखंड प्रदेश में आयुष कालेजों की विचारात्मक संख्या को देखते हुए प्रदेश में आयुष कालेजों में इजाफा किया जाए, जिससे प्रदेश के आयुष छात्र-छात्राओं को उनके ही प्रदेश में पढ़ने का मौका मिल सके व दूसरे प्रदेश से भी छात्र-छात्राओं को वहां आकर पढ़ने का मौका मिलेगा। जिससे प्रदेश की आर्थिक स्थिति अच्छी होगी।

आयुष सीएचओ का पदनाम बदलकर एमओ (आयुष) किया जाए, जिससे सभी आयुष चिकित्सकों को गरिमा व एक उत्तम सम्मान प्राप्त हो सके। वेतन का पीबीआई (परफॉर्मेंस बेस्ड इंसेंटिव) के साथ विलय, वृद्धि एवं लंबित PBI, TBI आदि का वितरण किया जाए। समान कार्य के लिए समान वेतन, वेतन आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप वेतनमान लागू किया जाए। समान मृत्यु लाभ, ग्रेच्युटी, पेंशन लाभ, सामाजिक सुरक्षा लाभ जैसे CPF या EPF की सुविधा प्रदान की जाए।

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