Last Updated on November 22, 2025 by Gopi Krishna Verma
25 हजार नगद और 4 लाख के मुआवजे पर हटा सड़क जाम

नवडीहा। गजराज के चपेट में आने से शनिवार को नवडीहा ओपी क्षेत्र के बनबिशनपुरा गांव के एक अधेड़ किसान जागो महतो उर्फ़ जगदेव वर्मा(55) की मौत से मौत हो गई। वहीं बगल के गांव भीमाटांड़ के एक प्राइवेट शिक्षक भीमलाल यादव(33) का भागने के क्रम में बायां हाथ टुट गया। घटना सुबह के साढ़े ग्यारह बजे की है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों ने ग्रामीणों संग बेंगाबाद-चतरो मुख्य मार्ग को बेहराडीह के पास जाम कर दिया।

मौके पर पहुंचे वन विभाग द्वारा मृतक के पुत्र को पच्चीस हजार ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिया गया और चार लाख की राशि आवश्यक कागजी कार्यवाही के बाद देने की बात कही गई। इसके बाद सड़क जाम को हटाकर शव को अंत्यपरीक्षण के लिए गिरिडीह सदर भेज दिया गया। इस दौरान सियाटांड़ मुखिया महेंद्र वर्मा काफी सक्रिय दिखे और परिजनों को मुआवजा दिलाने में सहयोग की बात कही।
बच्चों ने फ़ेंका ढेला चपेटे में आए बुजुर्ग
सूत्रों के अनुसार बत्तीस हाथियों के झुंड को वन विभाग द्वारा नवडीहा-बनबिशनपुरा के रास्ते तीन-चार दिनों पूर्व बिहार बॉर्डर छोड़ा गया था। उसी झुंड से दो हाथी सुरांगी अकेसिया जंगल में बिछड़ कर रहा गया। उसमें से एक हाथी के पैर में जख्म होने की बात कही जा रही है। शनिवार को मृतक किसान अपने धान खेत में काम कर रहा था। उसी दौरान कथित तौर पर कुछ बच्चों द्वारा हाथियों पर ढेला चलाने की बात सामने आई है। मौके से बच्चे तो भाग गए; परंतु मृतक हाथी के चपेट में आ गए और गजराज ने उन्हें पटक कर मार डाला। इससे उनका एक पैर टुट गया और छाती पर गहरा जख्म होने से उन्होंने तत्काल दम तोड़ दिया। हाथियों को वहां से हटने के बाद परिजनों द्वारा तुरंत स्थानीय डॉक्टरों से उनके इलाज की कोशिश की गई; पंरतु स्थानीय डॉक्टरों द्वारा उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन चित्कार करने लगे। मृतक अपने पीछे तीन पुत्रों को छोड़ गया।

भागने में निजी शिक्षक का टुटा हाथ
हाथियों के डर से भागने के क्रम में बगल के गांव भीमाटांड़ के एक प्राइवेट शिक्षक भीमलाल यादव(33) का बायां हाथ टुट गया। वह अपने विद्यालय बरामो स्थिति ज्ञान इंटरनेशनल स्कूल से पढ़ाकर लौट रहे थे और भय से भागने के क्रम में गिर पड़े। परिजनों द्वारा उन्हें इलाज़ के लिए तुरंत गिरिडीह ले जाया गया है।घटना के बाद बेंगाबाद-चतरो मार्ग लगी वाहनों की कतार, जाम में फंसे रहे स्कूली बच्चे:घटना के बाद परिजनों द्वारा शव को बेंगाबाद-चतरो मुख्य मार्ग के बेहराडीह के पास रखकर सड़क जाम कर दिया गया। इससे सड़क के ओर तत्क्षण सैकड़ों वाहनों की कतार लग गई। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली वाहनों को हुई। दो घंटे से अधिक समय तक सड़क जाम रहा। इस दौरान नवडीहा ओपी पुलिस तटस्थ दिखे।
ग्रामीणों का आरोप वन विभाग की लापरवाही से हुई घटना
बताते चलें कि घटना के पीछे ग्रामीणों ने वन विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। कहा कि दो हाथी सुरांगी जंगल में बिछड़ कर रह गया है इसकी सूचना कई लोगों द्वारा विभाग को दी गई; परंतु विभाग के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी। अंततः आज एक की जान चली गई तब जाकर विभाग की तंद्रा भंग हुई।

मृतक के साथ घायलों को भी मिलेगा मुआवजा
मौके पर पहुंचे वन विभाग के फॉरेस्टर संजय कुमार ने कहा कि हाथियों के झुंड से दो हाथी बिछड़ कर सुरांगी अकेसिया जंगल में रहने की सुचना पर वे लोग आ ही रहे थे की तबतक घटना घटित हो गई। तत्काल पच्चीस हजार रुपए मृतक के बेटे के खाते में ऑनलाइन हस्तांतरित कर दिया गया है बाकि के चार लाख आवश्यक कानुनी कार्रवाई के बाद यथाशीघ्र देने की कोशिश करेंगे। घायलों को भी मुआवजा देने का प्रावधान है। घायल आवेदन करे। उसे भी मुआवजा मिलेगा। बताते चलें कि रात्रि में हाथियों को वन विभाग की टीम दूसरे जगह लेकर चली गई। इस दौरान प्रभारी वनपाल, संजय कुमार संत, सानिश कुमार, किशन कुमार, कौशलेंद्र कुमार, ब्रजेश राय, अमित ठाकुर, संतोष आदि वनकर्मी उपस्थित थे।




