अंचल 90 दिनों के अंदर हर हाल में करें दाखिल-खारिज, नहीं तो ₹250 हर रोज जुर्माने को रहे तैयार: एससी

Last Updated on January 10, 2025 by Gopi Krishna Verma जमुआ। शुक्रवार को जमुआ जमुआ अंचल कार्यालय गिरिडीह एसी विजय सिंह बिरूवा पहूंचे। इस दौरान उन्होंने अंचल कार्यालय में लंबित विभिन्न वादों को लेकर अंचलाधिकारी को कड़ा निर्देश देकर सेवा का अधिकार अधिनियम-2011 को हर हाल में पालन करने का निर्देश दिया। ऐसा नहीं होने…

Last Updated on January 10, 2025 by Gopi Krishna Verma

जमुआ। शुक्रवार को जमुआ जमुआ अंचल कार्यालय गिरिडीह एसी विजय सिंह बिरूवा पहूंचे। इस दौरान उन्होंने अंचल कार्यालय में लंबित विभिन्न वादों को लेकर अंचलाधिकारी को कड़ा निर्देश देकर सेवा का अधिकार अधिनियम-2011 को हर हाल में पालन करने का निर्देश दिया। ऐसा नहीं होने पर कारवाई की बात कही। एसी द्वारा निम्न विषयों पर सीओ को सुनाई गई बातें-

नामांतरण वादः अधोहस्ताक्षरी के द्वारा हल्कावार लंबित नामांतरण वाद कोसमीक्षा सभी राजस्व उप निरीक्षक के साथ किया गया। जमुआ अंचल में कुल 524 नामांतरण वाद के मामले लंबित पाए गए, जिसे सभी राजस्व उप निरीक्षक को लंबित वाद को यथाशीघ्र ससमय निष्पादित करने हेतु निदेशित किया गया। साथ ही सभी राजस्व उपनिरीक्षक एवं अंचल निरीक्षक को सेवा का अधिकार अधिनियम-2011 के नामांतरण वाद को आपत्तिरहित वाद को 30 दिनों के अन्दर, आपत्ति के साथ 90 दिनों के अन्दर वाद को निष्पादित करने हेतु सख्त निर्देश दिया गया। 90 दिनों से अधिक समय तक लंबित वाद रखने वाले संबंधित कर्मी/पदाधिकारी को चिन्हित कर कारण पृच्छा करते हुए प्रतिदिन के दर से 250 रूपये आर्थिक दण्ड के साथ निष्पादन करने हेतु निदेशित किया गया।

भू-मापीः अधोहस्ताक्षरी के द्वारा जमुआ अंचल अंतर्गत ऑनलाइन भू-मापी आवेदन का भी समीक्षा किया गया। अंचल अंतर्गत कुल 16 मामले को लंबित पाया गया, जिसमें 5 मामले 60 दिन से अधिक, 4 मामले 90 दिन से अधिक एवं 6 मामले मापी शुल्क जमा नहीं करने के कारण लंबित पाये गये। अधोहस्ताक्षरी के द्वारा मापी शुल्क जमा नहीं करने से संबंधित मामले को यथाशीघ्र निष्पादन करते हुए 60 एवं 90 दिनों से अधिक लंबित मामले को भी निष्पादित करने हेतु निदेशित किया गया।

परिशोधनः अधोहस्ताक्षरी के द्वारा जमुआ अंचल में परिशोधन का भी समीक्षा किया गया, जिसमें कुल 30 परिशोधन के मामले को लंबित पाया गया। सभी राजस्व उप निरीक्षक / अंचल निरीक्षक को लंबित परिशोधन के मामले को ससमय निष्पादित करने हेतु निदेशित किया गया।

RCMS: अधोहस्ताक्षरी के द्वारा Revenue Court Management System का भी समीक्षा किया गया। जिसमें जनवरी माह में एक भी Causelist निर्गत नहीं होने को लेकर नाराजगी जाहिर किया गया एवं सख्त निदेश दिया गया कि Causelist निर्गत करते हुए सप्ताह में दो दिन न्यायालय चलाने हेतु निदेशित किया गया।

कृषि गणनाः अधोहस्ताक्षरी के द्वारा कृषि गणना के तृतीय चरण को लेकर भी समीक्षा किया गया। जिसमें सभी राजस्व उप निरीक्षक/अंचल निरीक्षक को तृतीय चरण का कार्य शुरू करते हुए ससमय निष्पादन करने हेतु निदेशित किया गया। साथ ही अंचल नाजीर एवं प्रधान सहायक को कृषि गणना कार्य के प्रथम चरण एवं द्वितीय चरण के भुगतान हेतु बैंक में खाता खोलकर अविलंब खाता सं० जिला सांख्यिकी पदाधिकारी, गिरिडीह को उपलब्ध कराते हुए अधोहस्ताक्षरी को भी अवगत कराने हेतु निदेशित किया गया।

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Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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