Last Updated on June 26, 2024 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। बुधवार को गिरिडीह ज़िले के नगर भवन गिरिडीह में निपुण समागम के तहत टीएलएम मेला सह प्रदर्शनी का आयोजन किया गया।
इसमें दिनांक 19 से 22 जून तक प्राथमिक कक्षा में शिक्षण कार्य करने वाले 100 शिक्षकों के साथ शिक्षण अधिगम सामग्री का निर्माण हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। भाषा शिक्षण के अंतर्गत हिंदी तथा अंग्रेजी विषय में तथा जनजातीय भाषा अंतर्गत संथाली भाषा में एवं अंकगणित से संबंधित प्रदर्श, 3D मॉडल, फ़्लैश कार्ड, राइमिंग वर्ड्स चकरी, योग चकरी, बहु उपयोगी शिक्षण अधिगम सामग्री से संबंधित कृतियों को बनाकर प्रदर्शित किया गया।

जिला के कई विद्यालयों के शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने इस मेले में भाग लिया एवं इसी प्रकार की शिक्षण सामग्री बनाने एवं कक्षा कक्ष में बच्चों को सिखाने में उसके उपयोग करने हेतु प्रेरित हुए।
भाषा एवं गणित शिक्षण के अंतर्गत जीएलएन कार्यक्रम से संबंधित विभिन्न कॉम्पोनेंट्स पर चर्चा की गई। प्रत्येक घटक के लिए निर्धारित सूचकों एवं लक्षण की अभिप्राप्ति के लिए किस प्रकार के शिक्षण सामग्री एवं गतिविधि का समावेश किया जाए इसकी जानकारी शिक्षकों को दी गई। शिक्षकों को अपनी अभिरुचि तथा सृजनशीलता के द्वारा गुणवत्तापरक टिकाऊ एवं बहु उपयोगी शिक्षण सामग्री बनाए तथा वर्ग कक्ष में छात्राओं के बीच उसका उपयोग करने हेतु प्रेरित किया गया।
दिनांक 4 से 6 जुलाई तक राज्य स्तरीय प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें झारखंड के अलावा अन्य कई राज्यों के द्वारा प्रशिक्षण अधिगम सामग्री से संबंधित प्रदर्शनी लगाई जाएगी।

जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा स्वागत भाषण में टीएम मेला एवं निपुण समागम कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डाला गया। उप विकास आयुक्त द्वारा शिक्षकों बच्चों एवं पदाधिकारी को संबोधित करते हुए उनका उत्साहवर्धन किया गया और अधिगम सामग्रियों का निरंतर विद्यालय में उपयोग करने एवं नई शिक्षण विधि जिसमें गतिविधि आधारित शिक्षण पर बल दिया गया है को विद्यालय स्तर पर लागू करने हेतु प्रेरित किया गया। जूरी मेंबर द्वारा विभिन्न प्रखंडों के द्वारा लगाए गए स्लॉट में प्रदर्शित शिक्षण अधिगम सामग्रियों का मूल्यांकन किया गया। गणित हिंदी अंग्रेजी तथा संताली भाषा में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत किया गया।
मौके पर उपस्थित उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, जिला जनसंपर्क अधिकारी एवं समग्र शिक्षा अभियान के जिला एवं प्रखंड स्तरीय अधिकारियों, संकुल साधन सेवी, प्रखंड साधन सेवी एवं विद्यालय के प्राथमिक कक्षाओं के शिक्षक उपस्थित थे।




