जिले में सड़क सुरक्षा नियमों के अनुपालन व सड़क हादसे में कमी लाने के उद्देश्य से करें कार्य: डीसी
Last Updated on December 24, 2025 by Gopi Krishna Verma
उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित, दिए गए जरूरी दिशा-निर्देश

गिरिडीह। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में शहरी परिवहन, यातायात एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओ की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया।
बैठक में पुलिस अधीक्षक, पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, जिला परिवहन पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

इस दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव सड़क सुरक्षा समिति द्वारा किये जा रहे कार्यों एवं जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया। बैठक में उपायुक्त ने पेंडिंग हिट एंड रन केस के मामलों में जल्द उचित कारवाई कर निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में सड़क हादसों को कम करने के उदेश्य से किये जा रहे कार्यों की समीक्षा के अलावा आईआरएडी एप पर सड़क दुर्घटनाओं में मृत व घायलों से जुड़ी जानकारी को अपडेट रखने का निदेश दिया। साथ ही दुर्घटनाओं को रोकने हेतु लगाई गई साइन बोर्ड की संख्या में वृद्धि कर वाहनों का स्पीड कम करने हेतु कई बिंदुओं पर विचार विमर्श किया गया। आगे जिले में दुर्घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से सभी घटनाओं के डेटा को संग्रहित कर एनालेसिस करने का निर्देश दिया।

बैठक के दौरान शहरी क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के उद्देश्य से विभिन्न बिन्दुओं की समीक्षा करते हुए ब्लैक स्पॉट को चिन्ह्ति करते हुए उन स्थानों को बेहतर बनाने के उद्देश्य से कार्य करने का निदेश दिया गया, ताकि ब्लैक स्पॉट की जगह हादसों में कमी लाई जा सके।
बैठक के दौरान उपायुक्त ने ओवर स्पीडिंग पर रोक लगाने, ज्यादा दुर्घटना वाले क्षेत्रों में हाई मास्ट लाइट लगाने, सीसीटीवी कैमरे, वाहन जांच अभियान, जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन, ब्लैक स्पॉट चिंहितिकरण आदि को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए। उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को नियमित रूप से वाहन जांच अभियान चलने व अवैध परिवहन पर लगाम लगाने हेतु समय-समय पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिए। इसके अलावा उपायुक्त ने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने एवं वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमित रूप से जिले के सभी क्षेत्रों में सभी थाना प्रभारी को नियमित रूप से वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। ताकि लोगों में जागरूकता फैले और वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग करें जिससे हो रही दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। इन सबके अलावा बैठक के दौरान नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
बैठक के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी, संतोष कुमार ने बताया कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से राह-वीर योजना की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल, पीड़ित, संकटग्रस्त एवं अक्षम लोगों को समुचित आवश्यक सहायता प्रदान करना है।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आम जनता को सड़क दुर्घटना में पीड़ितों की आपातकालीन स्थिति में मदद करने वाले राह-वीर को जिसमें उसे तत्काल सहायता प्रदान की गई हो तथा दुर्घटना के (Golden hour) यथा परिभाषित दुर्घटना के पश्चात् प्रथम एक घंटा की अवधि से है, जिसके दौरान तत्कालिक उपचार से घायल व्यक्ति की जीवन रक्षा की सर्वाधिक संभावना रहती है। उसे अस्पताल या ट्रॉमा केयर सेंटर में पहुंचाकर चिकित्सा उपचार प्रदान किया गया हो ऐसे व्यक्ति को राह-वीर योजना के तहत् “नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र के माध्यम से” सड़क दुर्घटना पीड़ितों की आपातकालीन स्थिति में मदद करने और उनका मनोबल बढ़ाने तथा दूसरों को भी सड़क दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने के लिए प्रेरित करेगा।
घायल व्यक्ति की जान बचाने वाले मददगार (Good Samaritan) को 25,000 रुपये का इनाम और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करना है, ताकि लोग ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के बाद पहला घंटा) में आगे आकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं और सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम किया जा सके।
