जब गिरिडीह डीसी ने जिला खनन पदाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई को लिखा संबंधित विभाग को, जाने क्या है पूरा मामला
Last Updated on February 15, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। जिला खनन पदाधिकारी के कार्यों से असंतुष्ट गिरिडीह डीसी रामनिवास यादव ने खान निदेशक को एक पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से जिला खनन पदाधिकारी के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई करने की भी सिफारिश की गई है।

उपायुक्त कार्यालय के पत्रांक 385 दिनांक 07 फरवरी 2026 को निदेशक खान निदेशालय, खान एवं भूतत्व विभाग झारखंड रांची को भेजे गए पत्र में उपायुक्त ने उल्लेख किया है कि जिला खनन पदाधिकारी सत्यजीत का इस जिले में कार्य संतोषप्रद नहीं है। जिला स्तरीय खनन टास्क फोर्स के सदस्य सचिव होने के नाते अवैध खनन की रोकथाम के प्रति ये संवेदनशील नहीं हैं। कहा है कि प्रायः वे अपना फोन रिसीव नहीं करते हैं। इसके साथ ही इस जिले में इनकी उपस्थिति भी नगण्य रहती है।

स्पष्ट है कि इस जिले के कार्यों में इनकी सहभागिता नाकाफी है। अवैध खनन की रोकथाम एवं अन्य कार्यों में इनकी अपेक्षा एवं जिले में इनकी अनुपलब्धता से जिले के कार्यों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। जनशिकायतों का निबटारा ससमय नहीं हो पा रहा है। गिरिडीह उपायुक्त ने उक्त आलोक में अनुरोध किया है कि जिला खनन पदाधिकारी के विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाए।

बतला दें कि जिला खनन पदाधिकारी के जिला में उपस्थिति नग्णय होने, खनन विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित होने से प्रखंड क्षेत्र में अवैध खनन की जैसे छूट मिल गई है। पत्थर तस्करों द्वारा बंद पड़े माइंस में सेंधमारी की जा रही है। विभाग को राजस्व की क्षति होने के साथ जीएसटी की भी भारी चपत लग रही है। खनन विभाग की इस लापरवाही के कारण अवैध खनन का मामला अखबारों की सुर्खिया भी बन रही है, लेकिन विभाग से गोपनियता भंग होने के कारण पत्थर तस्करों पर नकेल नहीं कसा जा रहा है। जिससे पत्थर के अलावा विभिन्न नदी घाटों पर बालू का अवैध खनन बदस्तूर जारी है।
