मनरेगा कार्य में लाएं तेजी: डीडीसी
Last Updated on February 25, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने मनरेगा की प्रगति और क्रियान्वयन की समीक्षा को लेकर सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों (बीपीओ) के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।
बैठक का मुख्य उद्देश्य मनरेगा योजनाओं के प्रभावी संचालन, समयबद्ध लक्ष्य प्राप्ति तथा लंबित कार्यों की समीक्षा करना था। बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने प्रत्येक प्रखंड की कार्य प्रगति, स्वीकृत योजनाओं की स्थिति, मजदूरी भुगतान, जॉब कार्डधारियों की संख्या तथा लंबित मामलों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि मनरेगा के तहत स्वीकृत योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण कराया जाए और मजदूरों को समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए।

मजदूरी भुगतान में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर संबंधित पदाधिकारी की जवाबदेही तय की जाएगी। उप विकास आयुक्त ने कहा कि मनरेगा का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन के साथ-साथ स्थायी परिसंपत्तियों का निर्माण करना है। इसलिए जल संरक्षण, पौधारोपण, तालाब निर्माण, मेड़बंदी एवं अन्य जनहितकारी कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी बीपीओ नियमित रूप से कार्यस्थलों का निरीक्षण करें और गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न हो।

बैठक में यह भी कहा गया कि योजनाओं का चयन ग्राम सभा की सहमति से किया जाए तथा पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक सूचनाएं सार्वजनिक की जाएं। सोशल ऑडिट और जियो टैगिंग की प्रक्रिया को भी समय पर पूरा करने का निर्देश दिया गया। इसके अलावा उप विकास आयुक्त ने सभी बीपीओ से समन्वय और टीमवर्क के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि मनरेगा के सफल क्रियान्वयन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और जरूरतमंद परिवारों को रोजगार की गारंटी सुनिश्चित होगी।
बैठक में निदेशक डीआरडीए रंथू महतों समेत सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।
