बाहा पर्व के अवसर पर मारांग बुरु/पारसनाथ पहाड़ को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु “हर दुकान दस्तक अभियान” शुरुआत की गई
Last Updated on February 17, 2026 by Gopi Krishna Verma

–गिरिडीह। बाहा पर्व (माराड बुरू जुग जाहेर बाहा बोंगा 2026) के अवसर पर मारांग बुरु/पारसनाथ पहाड़ को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु “हर दुकान दस्तक अभियान” शुरुआत की गई।
जिला उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देशानुसार मंगलवार को प्रखंड विकास पदाधिकारी के नेतृत्व में बाहा पर्व (माराड बुरू जुग जाहेर बाहा बोंगा 2026) के पावन अवसर पर स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) अंतर्गत, यूनिसेफ के सहयोग से मधुबन पंचायत क्षेत्र में मारांग बुरु/ पारसनाथ पहाड़ को सिंगल यूज़ प्लास्टिक मुक्त बनाने हेतु “हर दुकान दस्तक अभियान” का शुभारंभ किया गया। मारांग बुरु/पारसनाथ पहाड़ जैव विविधता की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण को रोकना समय की आवश्यकता है, ताकि प्राकृतिक पर्यावरण, वन्य जीवन एवं स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र सुरक्षित रह सके।

अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्व के दौरान बढ़ने वाली भीड़ एवं अस्थायी दुकानों के माध्यम से होने वाले सिंगल यूज़ प्लास्टिक के उपयोग को पूर्णतः प्रतिबंधित करना है। जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की जल सहियाओं तथा झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की आजीविका समूह की दीदियों द्वारा दुकान-दुकान जाकर सभी दुकानदारों एवं व्यवसायियों को सिंगल यूज़ प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने हेतु प्रेरित किया गया। इसके स्थान पर कपड़े के थैलों, जूट बैग तथा सखुआ पत्ते से बने दोना-पत्तल के उपयोग को बढ़ावा देने की अपील की गई।

साथ ही होटल संचालकों एवं अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सूखा एवं गीला कचरा पृथक-पृथक रखने के लिए जागरूक किया गया, ताकि मधुबन प्रयत्न क्षेत्र में कचरे का अंबार न लगे और भविष्य में वायु, जल एवं मृदा प्रदूषण की समस्या उत्पन्न न हो। अभियान के दौरान कार्बन उत्सर्जन को कम करने, पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने तथा पर्यटकों को जूट बैग खरीदने के लिए प्रेरित करने का लक्ष्य भी निर्धारित किया गया।

इसके अतिरिक्त मारांग बुरु परिसर मे “बोतल बैंक” की स्थापना की जा रही है, जहां पर्यटक प्लास्टिक की बोतलों एवं अन्य प्लास्टिक कचरे को इधर-उधर फेंकने के बजाय निर्धारित लोहे के संरक्षित बैंक में जमा करेंगे। एकत्रित प्लास्टिक कचरे को मधुबन में प्रस्तावित प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट यूनिट में पुनर्चक्रण (रिसाइक्लिंग) हेतु भेजा जाएगा। इस व्यापक जन जागरूकता कार्यक्रम में यूनिसेफ प्रतिनिधि, जेएसएलपीएस के प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, मुखिया मधुबन, तथा अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।

प्रशासन द्वारा अपील की गई है कि सभी श्रद्धालु, पर्यटक एवं स्थानीय नागरिक इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं तथा मारांग बुरु/पारसनाथ पहाड़ की पवित्रता एवं पर्यावरणीय संतुलन को बनाए रखने में सहयोग करें।
