यातायात नियमों में कोताही बर्दाश्त नहीं, नियमों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई: डीसी

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Last Updated on March 25, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में शहरी परिवहन, यातायात एवं सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न बिंदुओ की समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में पुलिस अधीक्षक, सभी अनुमंडल पदाधिकारी गिरिडीह जिला, जिला परिवहन पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सभी अंचलाधिकारी, व अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

इस दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव सड़क सुरक्षा समिति द्वारा किये जा रहे कार्यों एवं जागरूकता गतिविधियों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया। बैठक में उपायुक्त ने पेंडिंग हिट एंड रन केस के मामलों में जल्द उचित कारवाई कर निराकरण करने के निर्देश दिए।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने ओवर स्पीडिंग पर रोक लगाने, ज्यादा दुर्घटना वाले क्षेत्रों में हाई मास्ट लाइट लगाने, सीसीटीवी कैमरे, वाहन जांच अभियान, जागरूकता कार्यक्रमों के आयोजन, ब्लैक स्पॉट चिंहितिकरण आदि को लेकर भी आवश्यक निर्देश दिए। उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी को नियमित रूप से वाहन जांच अभियान चलने व अवैध परिवहन पर लगाम लगाने हेतु समय-समय पर विशेष वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिए। इसके अलावा उपायुक्त ने कहा कि यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने एवं वाहन चालकों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नियमित रूप से जिले के सभी क्षेत्रों में सभी थाना प्रभारी को नियमित रूप से वाहन जांच अभियान चलाने का निर्देश दिया। ताकि लोगों में जागरूकता फैले और वाहन चलाते समय हेलमेट एवं सीट बेल्ट का प्रयोग करें जिससे हो रही दुर्घटनाओं को कम किया जा सके। इन सबके अलावा बैठक के दौरान नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों के विरुद्ध कार्रवाई करने को लेकर भी आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

बैठक के दौरान जिला परिवहन पदाधिकारी संतोष कुमार ने बताया कि सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के उद्देश्य से राह-वीर योजना की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में घायल, पीड़ित, संकटग्रस्त एवं अक्षम लोगों को समुचित आवश्यक सहायता प्रदान करना है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा आम जनता को सड़क दुर्घटना में पीड़ितों की आपातकालीन स्थिति में मदद करने वाले राह-वीर को जिसमें उसे तत्काल सहायता प्रदान की गई हो तथा दुर्घटना के (Golden hour) यथा परिभाषित दुर्घटना के पश्चात् प्रथम एक घंटा की अवधि से है, जिसके दौरान तत्कालिक उपचार से घायल व्यक्ति की जीवन रक्षा की सर्वाधिक संभावना रहती है।

उसे अस्पताल या ट्रॉमा केयर सेंटर में पहुंचाकर चिकित्सा उपचार प्रदान किया गया हो ऐसे व्यक्ति को राह-वीर योजना के तहत् “नकद पुरस्कार और प्रमाण पत्र के माध्यम से” सड़क दुर्घटना पीड़ितों की आपातकालीन स्थिति में मदद करने और उनका मनोबल बढ़ाने तथा दूसरों को भी सड़क दुर्घटना पीड़ितों की जान बचाने के लिए प्रेरित करेगा। घायल व्यक्ति की जान बचाने वाले मददगार (Good Samaritan) को 25,000 रुपये का इनाम और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित करना है, ताकि लोग ‘गोल्डन आवर’ (दुर्घटना के बाद पहला घंटा) में आगे आकर घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाएं और सड़क हादसों में होने वाली मौतों को कम किया जा सके।

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