गिरिडीह: तिसरी से गायब दो नाबालिग छात्रा सकुशल बरामद
Last Updated on January 28, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। जिले के तिसरी थाना क्षेत्र से दो नाबालिग सहेलियों को बहला-फुसला कर पश्चिम बंगाल ले जाने और उनके साथ दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। तिसरी थाना प्रभारी की तत्परता से पुलिस ने दोनों नाबालिग लड़कियों को सकुशल बरामद कर लिया है। वहीं घटना में शामिल ट्रक ड्राइवर और खल्लासी को गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है।

बुधवार को तिसरी थाना परिसर में खोरीमहुआ एसडीपीओ राजेंद्र प्रसाद ने प्रेस वार्ता कर मामले का खुलासा कर उन्होंने बताया कि सरस्वती पूजा के दिन तिसरी थाना क्षेत्र के एक गांव से दो नाबालिग लड़कियों के अपहरण की सूचना मिली थी। इस संबंध में तिसरी थाना कांड संख्या 8/26 दर्ज कर थाना प्रभारी रंजय कुमार के नेतृत्व में जांच शुरू की गई।
शुरुआत में अपहरण के एंगल से जांच करते हुए पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर आरोपियों का पीछा किया। इसी क्रम में तिसरी पुलिस पश्चिम बंगाल के हल्दिया तक पहुंची, लेकिन पुलिस के वहां पहुंचने से पहले आरोपी लड़कियों को लेकर स्थान बदल चुके थे। इसके बाद पूरी रात पीछा करते हुए गिरिडीह के डुमरी टोल प्लाजा पर सघन वाहन जांच शुरू की गई, जहां एक ट्रक से यूपी निवासी ड्राइवर अमित कुमार यादव और खल्लासी छोटेलाल यादव को हिरासत में लिया गया।

कड़ाई से पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वे दोनों लड़कियों को धनबाद के बरवाअड्डा में उतार चुके हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम बरवाअड्डा पहुंची और वहां से दोनों नाबालिगों को सकुशल बरामद कर लिया गया।एसडीपीओ ने बताया कि पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी खल्लासी छोटेलाल यादव ने मोबाइल फोन के जरिए एक लड़की से संपर्क किया था। इसके बाद दोनों नाबालिग खोरीमहुआ और बगोदर होते हुए बरवाअड्डा पहुंचीं, जहां से आरोपियों ने उन्हें ट्रक में बैठाकर हल्दिया ले गए।
इस दौरान ट्रक में ही खल्लासी द्वारा दोनों नाबालिगों के साथ दुष्कर्म किया गया। दो दिन बाद आरोपी लड़कियों को बरवाअड्डा में छोड़कर भाग रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। मामले में पोक्सो एक्ट समेत अन्य सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है।
इस पूरे उद्भेदन में तिसरी थाना प्रभारी रंजय कुमार के साथ एएसआई कोलेश्वर राम, तकनीकी शाखा के जोधन कुमार, रेडियो ऑपरेटर प्रवीण कुमार, राहुल यादव एवं मिलिया मरांडी की अहम भूमिका रही।
