गिरिडीह कॉलेज: विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट का हुआ आयोजन
Last Updated on March 7, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। जिले में युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में माई भारत तथा राष्ट्रीय सेवा योजना गिरिडीह कॉलेज, गिरिडीह के संयुक्त तत्वावधान में जिला स्तरीय विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट का आयोजन शनिवार को गिरिडीह कॉलेज के हॉल नंबर-03 में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें अपने विचार प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के लिए मंच प्रदान करना था।

इस अवसर पर प्रतियोगिता का विषय “आपातकाल के 50 वर्ष : भारतीय लोकतंत्र के लिए सबक” रखा गया था। प्रतियोगिता में प्रतिभागियों को अपने विचार प्रस्तुत करने के लिए तीन मिनट का समय दिया गया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन विषयवस्तु की प्रासंगिकता, स्पष्टता एवं संरचना, मौखिक प्रस्तुति एवं शारीरिक भाषा, नवाचार एवं रचनात्मकता, भाषा एवं प्रवाह तथा समय के पालन जैसे मानकों के आधार पर किया गया। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और लोकतंत्र, संविधान तथा आपातकाल से जुड़े ऐतिहासिक अनुभवों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता के अंत में कुल 500 अंकों के आधार पर प्रतिभागियों का चयन राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए किया गया।

परिणाम के अनुसार स्वेता कुमारी ने 469 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अमित कुमार यादव 463 अंकों के साथ द्वितीय तथा खुशी कुमारी गुप्ता 460 अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रहीं। इसके अतिरिक्त मुस्कान कुमारी ने 449 अंक प्राप्त कर चौथा तथा नाहिद सबा ने 436 अंक प्राप्त कर पांचवां स्थान हासिल किया। चयनित प्रतिभागी अब राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में गिरिडीह जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं गिरिडीह कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुज कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि युवाओं को लोकतंत्र की मूल भावना को समझते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा संसद जैसे मंच विद्यार्थियों को अपने विचार व्यक्त करने, तर्क प्रस्तुत करने तथा नेतृत्व क्षमता विकसित करने का अवसर प्रदान करते हैं।

राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम पदाधिकारी सह जिला स्तरीय विकसित भारत यूथ पार्लियामेंट के आयोजक प्रो. डी. के. वर्मा ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि युवा संसद कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना का विकास होता है।

कार्यक्रम के निर्णायक मंडल में डॉ. अनिल कुमार अश्वाहा प्राचार्य, जी.डी. बगारिया टीचर्स ट्रेनिंग कॉ, भोला प्रसाद, सिविल कोर्ट ,डॉ. स्वेता कुमारी सहायक प्राध्यापक, मानवशास्त्र विभाग, गिरिडीह कॉलेज डॉ. निकिता गुप्ता संयुक्त सचिव, रेड क्रॉस सोसाइटी, गिरिडीह तथा डॉ. गौतम कुमार गुप्ता सहायक प्राध्यापक, के.एन. बख्शी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, बेंगाबाद शामिल थे।
