डीसी ने जिला समाज कल्याण विभाग की योजनाओं की कि समीक्षा, लाभुकों तक योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाने का दिया निर्देश

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Last Updated on April 11, 2026 by Gopi Krishna Verma

आपसी समन्वय के साथ कार्य करें अधिकारी और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें: डीसी

गिरिडीह। समाहरणालय सभागार में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी, श्री रामनिवास यादव की अध्यक्षता में जिला समाज कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिला समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की बारी-बारी से समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, बाल संरक्षण से संबंधित योजनाओं सहित अन्य कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली। उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से योग्य लाभुकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें।

उपायुक्त ने आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केंद्रों का सुचारू संचालन, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता तथा उपस्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी केंद्र में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया।बैठक में प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना एवं पोषण अभियान की प्रगति की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को समय पर लाभ प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि लाभुकों का शत-प्रतिशत पंजीकरण सुनिश्चित किया जाए तथा भुगतान की प्रक्रिया में किसी प्रकार की देरी न हो। इसके साथ ही पोषण स्तर में सुधार लाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।

उपायुक्त ने किशोरियों एवं बालिकाओं से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ अधिक से अधिक बालिकाओं तक पहुंचाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभुकों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाए। साथ ही बाल विवाह एवं कुपोषण रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान बाल संरक्षण से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए तथा जरूरतमंद बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि चाइल्ड हेल्पलाइन एवं अन्य तंत्रों को सक्रिय रखते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। उन्होंने कहा कि समाज कल्याण विभाग की योजनाएं सीधे तौर पर समाज के कमजोर वर्गों से जुड़ी हुई हैं, इसलिए इन योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नियमित रूप से फील्ड विजिट कर योजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने तथा समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया।

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