डीसी ने यूपीएससी में चयनित जिले के युवाओं से की मुलाकात, दी उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
Last Updated on March 9, 2026 by Gopi Krishna Verma
यूपीएससी जैसी कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त करना किसी भी युवा के लिए होती है बड़ी उपलब्धि: डीसी

गिरिडीह। जिले के लिए गौरव का क्षण तब बना जब संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की प्रतिष्ठित परीक्षा में सफल हुए जिले के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों करण सेठ, पचंबा और नाजिया प्रवीण, भंडारीडीह और उनके माता-पिता से उपायुक्त रामनिवास यादव ने शिष्टाचार मुलाकात की।

इस अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव ने सभी सफल अभ्यर्थियों को उनकी कड़ी मेहनत, लगन और अनुशासन के लिए बधाई दी तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। मुलाकात के दौरान उपायुक्त ने कहा कि यूपीएससी जैसी कठिन और प्रतिष्ठित परीक्षा में सफलता प्राप्त करना किसी भी युवा के लिए बड़ी उपलब्धि होती है। यह केवल व्यक्तिगत सफलता ही नहीं बल्कि पूरे जिले और राज्य के लिए गर्व का विषय है।
उन्होंने कहा कि इन युवाओं की सफलता अन्य विद्यार्थियों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगी और जिले के अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं प्रशासनिक सेवाओं में जाने के लिए प्रेरित होंगे। उपायुक्त ने अभ्यर्थियों से उनकी तैयारी की प्रक्रिया, चुनौतियों और अनुभवों के बारे में भी चर्चा की। अभ्यर्थियों ने बताया कि निरंतर अध्ययन, सही मार्गदर्शन और आत्मविश्वास के बल पर उन्होंने इस कठिन परीक्षा में सफलता प्राप्त की। उन्होंने कहा कि परिवार, शिक्षकों और मित्रों का सहयोग भी उनके लिए काफी महत्वपूर्ण रहा।

इस अवसर पर उपायुक्त ने सभी सफल युवाओं को आगे की प्रशिक्षण प्रक्रिया के लिए शुभकामनाएं देते हुए कहा कि प्रशासनिक सेवा में रहते हुए वे समाज के कमजोर और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करें तथा ईमानदारी और समर्पण के साथ देश की सेवा करें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारी बनने के बाद उनकी जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है, इसलिए उन्हें सदैव जनहित को प्राथमिकता देनी चाहिए। आगे उपायुक्त ने कहा कि प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्हें विशेष रूप से समाज के वंचित, गरीब और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए कार्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिल पाएगा, जब अधिकारी संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं को पहुंचाने का प्रयास करेंगे।
उपायुक्त ने उन्हें मेहनत, ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ कार्य करने की सलाह देते हुए कहा कि एक सच्चा प्रशासक वही होता है जो समाज के कमजोर वर्गों की समस्याओं को समझकर उनके समाधान के लिए प्रतिबद्ध रहता है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पद पर रहते हुए जनहित में कार्य करना हम सभी का प्रमुख दायित्व है। सरकार की विभिन्न योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने तथा उसका लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों एवं कर्मियों को स्पष्ट रूप से जिम्मेदारी सौंपी गई है।उन्होंने कहा कि योजनाओं का सफल संचालन सुनिश्चित करना प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए आवश्यक है कि सभी अधिकारी एवं कर्मी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ करें, ताकि आम जनता को सरकार की योजनाओं का समुचित लाभ मिल सके। कार्य में लापरवाही या जिम्मेदारी से बचने की प्रवृत्ति किसी भी स्तर पर स्वीकार्य नहीं होगी।

सभी अधिकारी और कर्मियों को अपने दायित्वों का निर्वहन जिम्मेदारीपूर्वक करना चाहिए। जनहित का कार्य सर्वोपरि होना चाहिए इसके साथ किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा और किसी प्रकार का व्यक्तिगत हित या कोई लापरवाही क्षम्य नहीं है।
सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ करें, ताकि आम जनता को योजनाओं का समय पर लाभ मिल सके। मुलाकात के अंत में उपायुक्त ने सभी सफल युवाओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी सफल युवाओं को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
