सभी विभाग लंबित मामलों को गंभीरता के साथ निश्चित समयावधि में करें निष्पादन: डीसी

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Last Updated on December 29, 2025 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। जिला उपायुक्त रामनिवास यादव ने सोमवार को समाहरणालय सभागार में सामान्य/विधि/उच्च न्यायालय/मानवाधिकार से संबंधित बैठक की।

बैठक में सभी विभागों से संबंधित लंबित वादों की विस्तृत समीक्षा कर समयबद्ध तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु निर्देश दिए। इस दौरान उपायुक्त ने उच्च एवं उच्चतम न्यायालय से सम्बंधित वादों में प्रति शपथ पत्र दायर किये जाने की विभागवार समीक्षा के अलावा विभागवार लंबित मामलों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक व उचित दिशा-निर्देश दिया।

उपायुक्त ने विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की अद्यतन प्रगति रिपोर्ट की जानकारी प्राप्त की और वादों के त्वरित निष्पादन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया। साथ ही उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि न्यायालयों में लंबित वादों के त्वरित निष्पादन के लिए समुचित तथ्यों के साथ प्रभावी प्रतिवेदन न्यायालयों में यथासमय समर्पित किया जाना अनिवार्य है।

इसके अलावा निर्देश दिया कि प्रत्येक वाद की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आवश्यकतानुसार विधिक परामर्श प्राप्त कर तदनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विधिक प्रक्रियाओं में शिथिलता न हो और सभी संबंधित अधिकारी अपने स्तर से उत्तरदायित्व का समुचित निर्वहन करते हुए न्यायालयीन वादों के निष्पादन गंभीरता से करें। आपूर्ति विभाग,समाज कल्याण, भू अर्जन, शिक्षा विभाग,नगर निगम प्रखण्ड एवं अंचल से संबंधित अधिकांश मामले थे जिसपर उपायुक्त ने लंबित वादों की समीक्षा करते हुए कहा कि वे मामलों का ससमय निष्पादन कराने हेतु शपथ पत्र दायर करके त्वरित रूप से कार्रवाई करें। न्यायालय के लंबित मामलों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जायेगी। उन्होंने गंभीर और जटिल मामलों को अविलंब संज्ञान में देने की बात कही, ताकि त्वरित तरीके से उसका हल निकाला जा सके।

मौके पर उप विकास आयुक्त, अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, गिरिडीह, अनुमंडल पदाधिकारी, बगोदर सरिया सभी संबंधित जिला स्तरीय पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी, विधि शाखा, जिला उप रजिस्ट्रार, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, गिरिडीह जिला, सामान्य शाखा, विधि शाखा के प्रधान सहायक समेत अन्य संबंधित अधिकारी थे।

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