15वें वित्त मद से प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्र निर्माण में आ रही समस्याओं के निराकरण को लेकर हुई बैठक

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Last Updated on March 14, 2026 by Gopi Krishna Verma

योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रहे बाधाओं को तुरंत करें दुर: डीसी

गिरिडीह। जिले में स्वास्थ्य आधारभूत संरचना को मजबूत करने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आज समाहरणालय सभागार में उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।

बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, स्वास्थ्य विभाग, कार्यकारी एजेंसियों तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले के विभिन्न प्रखंडों में 15वें वित्त आयोग के तहत स्वीकृत प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं उप स्वास्थ्य केन्द्रों के निर्माण कार्य की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की वर्तमान स्थिति, लंबित कार्यों तथा निर्माण में आ रही समस्याओं के बारे में विस्तृत जानकारी ली। कई स्थानों पर भूमि उपलब्धता, तकनीकी स्वीकृति, प्रशासनिक प्रक्रियाओं एवं समन्वय की कमी के कारण कार्य प्रभावित होने की जानकारी दी गई।

उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन योजनाओं में किसी भी प्रकार की बाधा आ रही है, उसे प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र दूर किया जाए। उन्होंने अंचल अधिकारियों को भूमि से संबंधित मामलों का त्वरित समाधान करने तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर कार्य को गति देने का निर्देश दिया। साथ ही कार्यकारी एजेंसियों को निर्माण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखते हुए निर्धारित समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। बैठक में उपायुक्त ने कहा कि 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त अनुदान राशि का सही और प्रभावी उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है, ताकि जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार हो सके।

उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र और उप स्वास्थ्य केन्द्र ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं, जहां आम लोगों को प्राथमिक उपचार, टीकाकरण, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं सहित अन्य आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं मिलती हैं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माणाधीन योजनाओं की नियमित निगरानी की जाए तथा समय-समय पर प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या कार्य में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक के अंत में उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को टीम भावना के साथ कार्य करने और सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए गंभीरता से कार्य करने का निर्देश दिया।

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