बोर्ड परीक्षा का डर सता रहा है: कोर्स पूरा नहीं हुआ है, मैथ्स में कमजोर हैं तो चुटकियों में जाने एक्सपर्ट से रिवीजन का टॉप फार्मूला

Last Updated on January 26, 2024 by Gopi Krishna Verma सब्जेक्ट्स का रिविजन हमेशा इस आधार पर करें कि सब्जेक्ट में टॉपिक्स कितने हैं, न कि इस आधार पर कि किसी सब्जेक्ट को टाइम कितना देना है FEAR OF EXAM: सीबीएसई व जैक बोर्ड एग्जाम्स को बस अब कुछ दिन ही बाकी हैं। यदि आप…

Last Updated on January 26, 2024 by Gopi Krishna Verma

सब्जेक्ट्स का रिविजन हमेशा इस आधार पर करें कि सब्जेक्ट में टॉपिक्स कितने हैं, न कि इस आधार पर कि किसी सब्जेक्ट को टाइम कितना देना है

FEAR OF EXAM: सीबीएसई व जैक बोर्ड एग्जाम्स को बस अब कुछ दिन ही बाकी हैं। यदि आप 10वीं व 12वीं के छात्र हैं। आप खूब मेहनत से पढ़ाई तो कर रहे हैं; लेकिन अब भी नर्वसनेस और डर बना हुआ है। कोई मैथेमेटिक्स की प्रॉब्लम्स को लेकर परेशान है, तो कोई बॉयोलॉजी के डायग्राम्स बनाने को लेकर सोच में है।

मन में viva का डर बैठ गया है या हिस्ट्री की डेट्स याद नहीं हो रही। समझ ही नहीं आ रहा कि कोर्स पूरा करें, रिवीजन करें या सैंपल पेपर्स सॉल्व करें।

तो आइए आपके इस कन्फ्यूजन को चुटकी में दूर करने लिए तैयार है प्लस टू नवडीहा उच्च विद्यालय नवडीहा के प्राचार्य ऋषिकांत सिन्हा व उत्क्रमित प्लस टू उच्च विद्यालय शहरपुरा के प्राचार्य अमित त्रिपाठी से बातचीत पर आधारित यह खास रिपोर्ट

सवाल– बोर्ड एग्जाम्स की तैयारी के लिए बहुत कम समय बचा है; लेकिन मेरा काफी कोर्स बाकी है। क्या करूं?

जवाब– इसके लिए सबसे पहले अपने लर्निंग रिसोर्सेस जैसे टेक्स्टबुक्स, नोटबुक्स, स्टेशनरी वगैराह ऑर्गनाइज कर लें। ये बहुत छोटा काम नजर आता है पर इससे आपकी काफी चीजें आसान हो जाएंगी।

अगर कोई स्टूडेंट मैथ्स में बेहतर स्कोर करना चाहता है तो उसे इन चार चीजों का ख्याल रखना होगा। इसी के साथ ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस पेपर सॉल्व करें। पेपर सॉल्व करने के तुरंत बाद इसे लेकर अपनी सब्जेक्ट टीचर के साथ डिस्कस जरूर करें। इसके अलावा पिछले साल के पेपर्स सॉल्व करने के बाद उन्हें मार्किंग स्कीम के अनुसार खुद ही चेक भी करें।

सवाल- बोर्ड एग्जाम का एक डर मन में बैठ गया है। इसका क्या सॉल्यूशन है?

जवाब– स्टूडेंट्स में बोर्ड एग्जाम का डर आम है। इससे निपटने का सबसे बेहतर तरीका है- तैयारी। स्कूल में ज्यादा से ज्यादा प्रैक्टिस पेपर्स ट्राय करें। अपना स्लीप शेड्यूल और खान-पान का ध्यान रखें ताकी प्रैक्टिस पेपर सॉल्व करते हुए सिर्फ पेपर पर ही ध्यान रहे।

वहीं, कुछ स्टूडेंट्स में एग्जाम का डर इतना ज्यादा हो जाता है कि वो प्रैक्टिस पेपर सॉल्व करते हुए भी ब्लैंक हो जाते हैं। ऐसे में बिना टाइम रेस्ट्रिक्शन के ओपन बुक्स एग्जाम से शुरुआत कर सकते हैं। इसके बाद धीरे-धीरे 3 घंटे के टाइम में पेपर सॉल्व करने की ओर बढ़ें। इस तरह आप एग्जाम का डर ओवरकम कर एग्जाम में बेहतर स्कोर कर सकते हैं।

सवाल– मैं 12वीं PCM की स्टूडेंट हूं। एग्जाम शुरू होने के एक महीना पहले मेरी स्ट्रैटेजी कैसी होनी चाहिए?

जवाब– सिलेबस कवर करने, रिविजन करने के लिए और प्रैक्टिस पेपर्स सॉल्व करने के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है- एक प्लान्ड शेड्यूल। एग्जाम शुरू होने के करीब एक महीने पहले सब्जेक्ट और टॉपिक्स रैंडम सिलेक्ट करने की बजाए प्लान बनाकर उसके हिसाब से सब्जेक्ट या टॉपिक चुनें। इससे क्या और कब पढ़ना है, ये सोचने में वक्त बर्बाद नहीं होगा।

सवाल– प्रैक्टिकल एग्जाम्स के लिए तैयारी कैसे करूं? Viva के लिए भी काफी नर्वस हूं। उसे कैसे ओवरकम करूं?

जवाब– नई और अनसर्टेन सिचुएशन हमें नर्वस करती हैं। प्रैक्टिकल्स के लिए स्टूडेंट्स इसलिए ज्यादा नर्वस होते हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता कि कौन उनके रिटेन सबमिशन चेक करेगा, कौन प्रैक्टिकल कराएगा और viva कौन लेगा। इस नर्वसनेस से बचने के लिए स्टूडेंट्स आपस में एक दूसरे का मॉक viva ले सकते हैं। इससे viva लेने का डर भी दूर होगा।

सवाल– कई सारे सब्जेक्ट्स हैं। रिवीजन के लिए भी ज्यादा समय नहीं है। ऐसे में रिवीजन का टाइम टेबल कैसे सेट करूं?

जवाब– सब्जेक्ट्स का रिविजन हमेशा इस आधार पर करें कि सब्जेक्ट में टॉपिक्स कितने हैं, न कि इस आधार पर कि किसी सब्जेक्ट को टाइम कितना देना है। जो बच्चे इस तरह पहली बार रिवीजन करने जा रहे हैं वो शुरुआत में समय रिकॉर्ड कर सकते हैं। इससे उन्हें अंदाजा हो जाएगा कि कितना बड़ा टॉपिक कवर करने में उन्हें कितना समय लगता है। इस आधार पर वो अपने आगे का शेड्यूल तय कर सकते हैं। इस तरह रिवीजन करते हुए हमेशा बड़े भाई-बहन या माता-पिता से फॉलोअप लेने के लिए कहें।

सवाल– मैंने पूरा कोर्स नहीं पढ़ा है, तो क्या सिर्फ जरूरी टॉपिक्स पढ़ कर अच्छा स्कोर कर सकता हूं?

जवाब– एग्जाम सिर पर हैं और पूरा कोर्स नहीं पढ़ पाएं हैं तो इस तरह पढ़ाई कर अच्छा स्कोर कर सकते हैं…

• सबसे पहले जरूरी टॉपिक्स आइडेंटिफाई कर लें।

• पिछले सालों के क्वेश्चन पेपर्स और अपनी सब्जेक्ट टीचर्स से डिस्कशन करें। इससे क्या-क्या टॉपिक्स जरूरी है, ये बेहतर समझ आ सकेगा।

• सभी टॉपिक्स को एक-दो बार मोटा-मोटा पढ़ जरूर लें। इससे आप ज्यादातर सवालों के जवाब दे पाएंगे।

सवाल– साइंस में डायग्राम्स कितने जरूरी है? मेरी ड्राइंग स्किल्स अच्छी नहीं है, तो क्या करूं?

जवाब– साइंस के डायग्राम्स में बेहतरीन ड्राइंग स्किल्स की जरूरत नहीं है। साइंस के डाइग्राम्स फैक्चुअली सही होने चाहिए, नीट होने चाहिए और उनकी लेबलिंग सही होनी चाहिए। इसके अलावा आप घर पर डायग्राम बनाने की कई बार प्रैक्टिस करें। इससे डायग्राम बेस्ड सवालों को अटेम्ट करना आसान होगा।

सवाल– कॉलेज एडमिशन CUET एग्जाम से होते हैं। तो फिर 12वीं में अच्छे नंबर लाने से क्या फायदा है?

जवाब– बात सही है। लेकिन CUET एग्जाम का सिलेबस 11वीं और 12वीं पर ही आधारित होता है। तो अगर आप 12वीं के एग्जाम की तैयारी अच्छी करेंगे तो CUET में भी अच्छे नंबर आ सकते हैं। इसके अलावा कई इंस्टीट्यूट्स में जहां CUET के जरिए ज्यादा स्टूडेंट्स क्वालिफाई करते हैं, वहां 12वीं के स्कोर के आधार पर एडमिशन तय किया जाता है।

सवाल– JEE Mains/ NEET/ CUET एग्जाम्स की तैयारी पर फोकस करूं या बोर्ड एग्जाम्स की तैयारी पर?

जवाब– JEE Mains/NEET/CUET ये सभी एग्जाम 12वीं के सिलेबस पर ही आधारित होते हैं। बस इनमें सवाल पूछने का तरीका थोड़ा बदल दिया जाता है। तो बोर्ड एग्जाम की तैयारी, आपको इन एग्जाम्स के लिए भी तैयार करती है। इसके अलावा 2022-23 में जो स्टूडेंट्स 12वीं या उसके समकक्ष कोई परीक्षा पास कर चुके हैं, तो JEE Mains के लिए अपियर होने के लिए उनके 75% मार्क्स होने चाहिए। इस लिहाज से भी बोर्ड एग्जाम्स जरूरी हैं।

सवाल– मेरा दोस्त 12वीं में कॉमर्स का स्टूडेंट है। उसे अकाउंटिंग के कुछ टॉपिक्स जैसे टैक्स में काफी प्रॉब्लम होती है। क्या इसे आसान बनाने के लिए कुछ टिप्स बता सकते हैं?

जवाब– इसके लिए सबसे बेहतर और एकमात्र उपाय है- प्रैक्टिस। इसी के साथ स्टूडेंट्स को स्मार्ट स्टडी करने का तरीका भी सीखना होगा। सालभर पढ़ाई करते हुए स्टूडेंट्स थोड़ा ध्यान देकर ऐसे टॉपिक्स की पहचान करें जो उन्हें मुश्किल लगते हैं। इन्हें सॉल्व करते हुए स्टेप्स हाइलाइट कर दें। कई बार एग्जाम से पहले जरूरी नहीं कि हर चीज दोबारा सॉल्व करके देखनी है। इन हाइलाइट किए हुए नोट्स को देखकर स्टेप्स रिवाइज कर सकते हैं। इससे न सिर्फ टॉपिक क्लियर होगा बल्कि कॉन्फिडेंट भी आएगा कि ये टॉपिक मैंने पहले सॉल्व किया था तो अब भी कर सकता हूं।

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Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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