गिरिडीह: सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए जिला प्रशासन सख्त, DC रामनिवास यादव ने दिए कड़े निर्देश
Last Updated on October 26, 2026 by Gopi Krishna Verma
समाहरणालय में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक संपन्न; ओवरस्पीडिंग, ड्रिंक एंड ड्राइव और अवैध परिवहन के खिलाफ चलेगा सघन जांच अभियान

गिरिडीह। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय सभागार में जिला सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने की।
इस बैठक में सड़क सुरक्षा मानकों के पालन, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) में सुधारात्मक कदम उठाने तथा विभिन्न विभागों के बीच आपसी समन्वय से निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्रवाई पूरी करने के विस्तृत निर्देश दिए गए।

बैठक के मुख्य बिंदु एवं निर्देश:
- यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई: उपायुक्त ने जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) एवं पुलिस विभाग को निर्देश दिया कि बिना हेलमेट, सीट बेल्ट न लगाने, ओवरलोडिंग, ओवरस्पीडिंग और नशे की हालत में वाहन चलाने वालों के खिलाफ नियमित रूप से सघन चेकिंग अभियान चलाएं। संवेदनशील चौक-चौराहों और मुख्य मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
- ब्लैक स्पॉट की पहचान एवं डुमरी अस्पताल के पास स्पीड ब्रेकर: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों (ब्लैक स्पॉट) पर स्पीड लिमिट बोर्ड, चेतावनी संकेतक और आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर लगाने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त ने विशेष रूप से डुमरी रेफरल अस्पताल के सामने त्वरित गति से स्पीड ब्रेकर का निर्माण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा हो सके।
- हिट एंड रन एवं IRAD प्रविष्टियों का त्वरित निष्पादन: लंबित ‘हिट एंड रन’ मामलों के त्वरित निष्पादन का निर्देश दिया गया ताकि पीड़ितों को समय पर सहायता मिल सके। इसके अलावा, इंटीग्रेटेड रोड एक्सीडेंट डेटाबेस (IRAD) पोर्टल पर लंबित सभी एक्सीडेंटल डेटा एंट्री को समयसीमा के भीतर सटीक रूप से पूरा करने को कहा गया।
- अवैध परिवहन और ड्रिंक एंड ड्राइव पर नकेल: नशे में वाहन चलाने वालों और अवैध परिवहन में लिप्त वाहनों पर रोक लगाने के लिए अंतर-विभागीय समन्वय बनाकर विशेष जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
- जन-जागरूकता और गुड सेमेरिटन नीति पर जोर: उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि केवल कार्रवाई ही नहीं, बल्कि जन-जागरूकता भी दुर्घटनाएं रोकने के लिए आवश्यक है। थाना प्रभारियों और संबंधित विभागों को युवाओं व आम नागरिकों के बीच हेलमेट/सीट बेल्ट पहनने और गाड़ी चलाते समय मोबाइल का उपयोग न करने के प्रति जागरूकता फैलाने का निर्देश दिया गया। बैठक में ‘गुड सेमेरिटन’ (नेक दिल नागरिक) रिपोर्ट की भी समीक्षा की गई।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद: बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, पूर्वी एवं पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी (SDO), अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO), अंचलाधिकारी (CO), जिला खनन पदाधिकारी (DMO) समेत संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
