गिरिडीह: अवैध खनन और परिवहन पर प्रशासन सख्त, डीसी रामनिवास यादव ने दिए कड़ी कार्रवाई के निर्देश
Last Updated on October 26, 2026 by Gopi Krishna Verma
संयुक्त छापेमारी, रात्रिकालीन गश्ती और नियमित निगरानी में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी

गिरिडीह। जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन एवं अनधिकृत भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा सरकारी राजस्व की क्षति को रोकने के उद्देश्य से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में जिला खनन टास्क फोर्स की समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में अवैध खनन के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई, निगरानी व्यवस्था, खनिज परिवहन की जांच तथा संबंधित विभागों के बीच समन्वय की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन के मामलों में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

संयुक्त जांच एवं छापेमारी अभियान को बनाएं प्रभावी
उपायुक्त ने खनन विभाग, पुलिस प्रशासन एवं वन विभाग को आपसी समन्वय के साथ नियमित संयुक्त जांच एवं छापेमारी अभियान संचालित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई औपचारिकता तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका उद्देश्य अवैध गतिविधियों पर प्रभावी और स्थायी नियंत्रण स्थापित करना होना चाहिए।
संवेदनशील खनन क्षेत्रों, खनिज परिवहन मार्गों तथा अवैध गतिविधियों की आशंका वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी रखी जाएगी। अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय सूचना तंत्र विकसित करने का निर्देश दिया गया है, ताकि अवैध उत्खनन या परिवहन की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की जा सके।
बिना वैध दस्तावेज खनिज परिवहन पर होगी नियमानुसार कार्रवाई
डीसी ने निर्देश दिया कि चेक पोस्ट, पिकेट एवं प्रमुख खनिज परिवहन मार्गों पर वाहनों की सघन जांच की जाए। खनिज परिवहन से संबंधित वैध चालान, आवश्यक दस्तावेज एवं अन्य निर्धारित प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
बिना वैध दस्तावेज के खनिज परिवहन, ओवरलोडिंग तथा अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित वाहन एवं खनिज को नियमानुसार जब्त करने सहित विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों एवं की गई कार्रवाई का उचित अभिलेखीकरण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए हैं, जिससे पारदर्शिता बनी रहे।

रात्रिकालीन गश्ती एवं औचक निरीक्षण में तेजी लाने के निर्देश
उपायुक्त ने रात्रिकालीन गश्ती, औचक निरीक्षण एवं क्षेत्रीय निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि अवैध खनन रोकने के लिए केवल दिन के समय की जांच पर्याप्त नहीं है, इसलिए संवेदनशील क्षेत्रों एवं प्रमुख परिवहन मार्गों पर रात्रिकालीन निगरानी भी सुनिश्चित की जाए।
सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिलने पर बिना विलंब आवश्यक कार्रवाई करें।
बैठक में पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार, पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी, पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, जिला खनन पदाधिकारी सहित संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
