Last Updated on October 17, 2026 by Gopi Krishna Verma
सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल ने RBI से मांगी जानकारी, आरटीआई दाखिल कर पूछा- झारखंड को कितनी हुई आपूर्ति

गिरिडीह। स्थानीय बाजारों में पिछले कई महीनों से ₹5, ₹10 और ₹20 के करेंसी नोटों एवं सिक्कों की भारी कमी देखी जा रही है। छोटे मूल्यवर्ग (चिल्लर/खुदरा) के पैसों की अनुपलब्धता के कारण आम नागरिकों, छोटे दुकानदारों, फुटकर विक्रेताओं और दैनिक लेन-देन करने वाले लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खुदरा भुगतान और खुले पैसों की उचित व्यवस्था न होने से आए दिन ग्राहकों और दुकानदारों के बीच विवाद की स्थिति भी बन रही है।
RBI के केंद्रीय लोक सूचना अधिकारी से जवाब तलब
इस गंभीर जनसमस्या को संज्ञान में लेते हुए सामाजिक एवं सूचना अधिकार (RTI) कार्यकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल ने भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), मुंबई के केंद्रीय लोक सूचना पदाधिकारी को 17 अक्टूबर 2026 को एक ऑनलाइन आरटीआई आवेदन भेजा है। इसके माध्यम से उन्होंने ₹5, ₹10 और ₹20 के करेंसी नोटों एवं सिक्कों की छपाई और झारखंड राज्य में उनकी आपूर्ति से संबंधित विस्तृत आंकड़े मांगे हैं।

आरटीआई में पूछे गए मुख्य बिंदु:
- माहवार छपाई का विवरण: 01 अप्रैल 2026 से अब तक ₹5, ₹10 और ₹20 के नोटों की माहवार छपाई की पूरी जानकारी।
- झारखंड को आपूर्ति: झारखंड राज्य को भेजे गए उक्त मूल्यवर्ग के नोटों की तिथिवार और माहवार आपूर्ति का ब्योरा।
- करेंसी चेस्ट का आंकड़ा: राज्य के किन-किन बैंकों और उनकी करेंसी चेस्ट (Currency Chest) शाखाओं को कितनी मात्रा में नोट उपलब्ध कराए गए।
- आपूर्ति में अंतर और कारण: निर्धारित आपूर्ति और वास्तविक आपूर्ति के बीच यदि कोई अंतर है, तो उसका कारण और संबंधित आधिकारिक अभिलेख।
“पारदर्शिता और समाधान आवश्यक”
सुनील कुमार खंडेलवाल ने कहा कि छोटे मूल्यवर्ग के नोट आम लोगों के दैनिक जीवन और स्थानीय नकद अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं। ऐसे में इनकी कमी के कारणों का पता लगाना और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी, जिससे इस जनसमस्या के समाधान की दिशा में सार्थक कदम उठाए जा सकेंगे।




