Last Updated on October 17, 2026 by Gopi Krishna Verma
दुर्गा पूजा के मौके पर बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के सामने आर्थिक संकट; दफ्तरों के चक्कर लगाने को मजबूर हैं लाभुक

गिरिडीह। एक तरफ जहां जिले भर में दुर्गा पूजा की धूम है, वहीं दूसरी ओर हजारों बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के चेहरों पर मायूसी छाई हुई है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पेंशन योजनाओं के तहत मिलने वाली पेंशन की राशि पिछले छह महीने से न मिलने के कारण लाभुकों को भारी आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। त्योहार के इस मौसम में जरूरी सामान की खरीदारी और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना उनके लिए मुश्किल हो गया है।
पेंशन मिलने की आस में कई जरूरतमंद लाभुक लगातार दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन उन्हें निराशा ही हाथ लग रही है। समय पर राशि न मिलने से इस बार कई परिवारों की दुर्गा पूजा फीकी रहने की आशंका जताई जा रही है।

आंकड़ों पर एक नजर
गिरिडीह जिले में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय पेंशन योजना के कुल 69,911 लाभुक हैं:
- वृद्धावस्था पेंशन: 51,069 लाभुक
- विधवा पेंशन: 17,223 लाभुक
- दिव्यांग पेंशन: 1,619 लाभुक
इन सभी जरूरतमंदों के लिए पेंशन की यह राशि एक बड़ा आर्थिक सहारा होती है, लेकिन त्योहार के समय भुगतान में हुई देरी ने उनकी परेशानियां बढ़ा दी हैं।
भुगतान प्रक्रिया में बदलाव के कारण हुई देरी: प्रशासन
इस मामले पर जिला सामाजिक सुरक्षा कोषांग के सहायक निदेशक कौशिक अप्पू ने कहा, “पेंशन की राशि सितंबर में ही कोषागार को भेज दी गई थी, लेकिन भुगतान प्रक्रिया में बदलाव के कारण देरी हुई। लाभुकों के खातों में राशि जल्द पहुंचेगी।”




