Last Updated on October 14, 2026 by Gopi Krishna Verma
51.64 करोड़ रुपये की लागत से बने नए अस्पताल भवन का निर्माण कार्य 100% पूरा, निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने दिए हस्तांतरण के निर्देश

गिरिडीह। गिरिडीह जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने और गंभीर मरीजों को बेहतर एवं आपातकालीन चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। जिला मुख्यालय में 51.64 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 100 शय्यायुक्त (बेड) क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक अस्पताल भवन का निर्माण कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण हो चुका है।
उपायुक्त (DC) रामनिवास यादव ने अस्पताल भवन का औचक निरीक्षण कर तैयारियों एवं आधारभूत संरचनाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि दीपावली से पूर्व हर हाल में भवन को स्वास्थ्य विभाग को हैंडओवर करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।

अंतिम चरण में साफ-सफाई और हैंडओवर की तैयारियां
निरीक्षण के दौरान कार्यकारी एजेंसी एवं संबंधित अधिकारियों ने उपायुक्त को अवगत कराया कि मुख्य भवन का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। वर्तमान में परिसर की साफ-सफाई, अंतिम फिनिशिंग तथा हस्तांतरण से जुड़ी कागजी प्रक्रियाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
उपायुक्त ने कहा कि केवल भवन हस्तांतरण ही काफी नहीं है, बल्कि हस्तांतरण के साथ ही अस्पताल के सुचारू संचालन की व्यवस्था भी सुनिश्चित होनी चाहिए।
उपायुक्त द्वारा दिए गए मुख्य निर्देश
- समयबद्ध हस्तांतरण: भवन निर्माण निगम, स्वास्थ्य विभाग और कार्यकारी एजेंसी आपस में समन्वय बनाकर दीपावली से पहले सभी औपचारिकताएं पूरी करें।
- आधारभूत सुविधाएं: परिसर की स्वच्छता, निर्बाध विद्युत आपूर्ति, जल व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और संबंधित अभिलेखों (दस्तावेजों) का संधारण नियमानुसार पूरा किया जाए।
- शीघ्र संचालन पर जोर: स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर उपकरणों की उपलब्धता, आवश्यक डॉक्टरों व मानव संसाधन (मेडिकल स्टाफ) की तैनाती के संबंध में विभागीय स्तर पर त्वरित कार्रवाई की जाए, ताकि हस्तांतरण के तुरंत बाद चिकित्सा सेवाएं शुरू की जा सकें।

जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होगा नया ब्लॉक
51.64 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से बना यह 100 बेड का क्रिटिकल केयर हेल्थ ब्लॉक गिरिडीह जिले के लिए एक बड़ी सौगात है। इसके शुरू होने से:
- आपातकालीन स्थिति में राहत: दुर्घटनाओं और गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों को तुरंत विशेषज्ञ देखभाल (Emergency & ICU Care) मिल सकेगी।
- रेफरल मामलों में कमी: गंभीर मरीजों को उच्च स्तरीय इलाज के लिए दूसरे बड़े शहरों (जैसे धनबाद या रांची) के लिए रेफर करने की निर्भरता कम होगी।
- सस्ती व सुलभ चिकित्सा: जिले के आम नागरिकों को अपने ही जिले में आधुनिक और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
“हमारा उद्देश्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर अस्पताल भवन का हस्तांतरण पूरा कर इसे जनहित में जल्द से जल्द शुरू करना है। सभी संबंधित विभाग गुणवत्ता, समयबद्धता और जनहित को प्राथमिकता देते हुए काम पूरा करें।” — रामनिवास यादव, उपायुक्त (गिरिडीह)




