Last Updated on October 14, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। त्योहारों के सीजन को देखते हुए गिरिडीह जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ा रुख अपना लिया है। हाल ही में जिले के विभिन्न क्षेत्रों (बदडीहा, पचंबा, मधुबन, चिरकी और धनवार) में खाद्य प्रतिष्ठानों पर औचक निरीक्षण किया गया, जिसमें नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर कार्रवाई करते हुए खराब तेल और अवमानक मिठाइयां नष्ट की गईं।
विभिन्न क्षेत्रों में की गई प्रमुख कार्रवाई
- बदडीहा क्षेत्र: भदानी स्वीट्स से लड्डू का नमूना जांच के लिए लिया गया। समोसा तलने में इस्तेमाल हो रहे खराब और अस्वस्थकर 12 लीटर तेल को मौके पर ही नष्ट कराया गया।
- मधुबन (पीरटांड़): पनीर, दूध और मसालों की गुणवत्ता की जांच की गई, जो संतोषजनक पाई गई।
- चिरकी क्षेत्र: कई रेस्टोरेंट और मिष्ठान भंडारों की जांच की गई। छाया स्वीट्स के किचन में साफ-सफाई की कमी पाए जाने पर 500 रुपये का अर्थदंड (जुर्माना) लगाया गया।
- पचंबा क्षेत्र: नर्मदा धाम मिष्ठान भंडार में मिल्क केक और पेड़े में स्टार्च की मिलावट मिलने पर 1.5 किलोग्राम मिल्क केक और 1 किलोग्राम पेड़ा नष्ट किया गया।
- धनवार क्षेत्र: कुल 16 प्रतिष्ठानों की जांच हुई। बिना वैध खाद्य लाइसेंस के कारोबार करने वाले 7 संचालकों को नोटिस जारी किया गया, जबकि मानक के अनुकूल न मिलने पर 9.5 किलोग्राम छेना निर्मित मिठाई नष्ट की गई और 3 नमूने जांच के लिए संग्रहित किए गए।

खाद्य कारोबारियों के लिए सख्त निर्देश
प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी व्यापारी केवल वैध लाइसेंसधारियों और अधिकृत आपूर्तिकर्ताओं से ही पनीर, खोआ और अन्य सामग्री खरीदें। इसके अलावा निम्नलिखित नियमों का पालन करना अनिवार्य किया गया है:
- खाद्य पदार्थों को अखबार में न लपेटें और न ही उस पर रखें।
- प्रतिष्ठानों में साफ-सफाई और स्वच्छता के मानकों का कड़ाई से पालन हो।
- होटल और रेस्टोरेंट संचालक पेयजल की गुणवत्ता की जांच कराएं और कर्मचारियों का मेडिकल फिटनेस सुनिश्चित करें।
- प्रतिष्ठानों में नियमित रूप से पेस्ट कंट्रोल कराया जाए।
जिला प्रशासन ने चेतावनी दी है कि मिलावट और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।




