Last Updated on August 31, 2026 by Gopi Krishna Verma
प्रदर्शनकारियों के बीच स्वयं पहुंची ओपी प्रभारी सबिता कुमारी, माहौल हुआ शांत

नवडीहा। ख़राब मौसम और रुक-रुककर हो रही मूसलाधार बारिश के बावजूद जमुआ पूर्वी में वामपंथी तेवर पूरी तरह बुलंद नजर आए। भाकपा माले जमुआ पूर्वी कमिटी के आह्वान पर सैकड़ों कार्यकर्ता दोपहर एक बजे नवडीहा ओपी (आउटपोस्ट) के गेट पर डट गए और लगभग डेढ़ घंटे तक शांतिपूर्ण लेकिन आक्रामक शैली में अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। प्रदर्शनकारियों ने क्षेत्र में सक्रिय माफियाओं और दलालों पर लगाम कसने तथा पुलिसिया कार्यशैली में सुधार की मांग उठाई।

नेताओं के निशाने पर रही पुलिस की कार्यप्रणाली
घेराव स्थल पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जिला सचिव अशोक पासवान ने आरोप लगाया कि ओपी परिसर में आम फरियादियों से ज्यादा दलालों का दबदबा है। उन्होंने ओपी प्रभारी से गरीबों की समस्याओं की सीधी सुनवाई करने का आग्रह किया।

जिला परिषद सदस्य सह माले नेता विजय पांडेय ने जमीन संबंधी विवादों में निष्पक्षता बरतने की अपील की। उन्होंने तीन बिचौलियों (प्रसादी पंडित व दो अन्य मुखिया) का नाम लेते हुए गंभीर आरोप लगाए कि ये लोग देर रात तक थाने में रहकर जनता का शोषण करते हैं, जिन पर तुरंत पाबंदी लगनी चाहिए।
वहीं माले नेत्री मीना दास ने ओपी प्रभारी के महिला होने का जिक्र करते हुए कहा कि एक महिला अधिकारी के नेतृत्व के बावजूद पीड़ित महिलाओं को न्याय के लिए भटकना पड़ रहा है। उन्होंने पुलिस प्रशासन को आगे से महिलाओं के मामलों में संवेदनशील रवैया अपनाने की नसीहत दी।

आंदोलनकारियों की प्रमुख मांगें:
- दलाली प्रथा पर रोक: आम जनता के काम में बिचौलियों का हस्तक्षेप बंद हो।
- पारदर्शिता: आवेदन पर अनिवार्य रूप से रिसीविंग दी जाए और एफआईआर दर्ज होने के बाद पीड़ित को उसकी कॉपी मुहैया कराई जाए।
- भू-माफिया व बालू अवैध खनन: क्षेत्र में फल-फूल रहे जमीन माफियाओं और अवैध बालू ढुलाई पर कड़ी कार्रवाई हो।
सात दिनों की मोहलत, वरना बेंगाबाद-चतरो मार्ग होगा ठप
सभा की अध्यक्षता रामकुमार वर्मा तथा संचालन इंकलाबी नौजवान सभा के प्रखंड सचिव वीरेंद्र कुमार वर्मा ने किया। माले नेता विजय पांडेय ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि पुलिस प्रशासन सात दिनों के अंदर इन मांगों पर संज्ञान नहीं लेता है, तो गोंदलीटांड़ के पास बेंगाबाद-चतरो मुख्य मार्ग को अनिश्चितकाल के लिए जाम किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी ओपी प्रभारी की होगी।
तनाव के बीच अचानक पहुंचीं ओपी प्रभारी, माहौल हुआ शांत
घेराव कार्यक्रम का सबसे दिलचस्प मोड़ तब आया जब कार्यकर्ता ओपी प्रभारी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। उसी दौरान ओपी प्रभारी सबिता कुमारी बिना किसी हिचकिचाहट के सीधे आंदोलनकारियों के बीच पहुंच गईं। उनके इस अप्रत्याशित कदम से पुलिसकर्मी और माले कार्यकर्ता दोनों आश्चर्यचकित रह गए।
ओपी प्रभारी ने संवाद का रुख अपनाते हुए माले कार्यकर्ताओं को आश्वस्त किया कि:
- दलालों पर कड़ाई: उन्होंने कहा कि पुलिस किसी दलाल को संरक्षण नहीं देती। यदि जनता की नजर में कोई बिचौलिया है, तो उसका थाना परिसर में प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित किया जाएगा।
- जमीन विवाद: जमीन से जुड़े मामलों में अंचल अधिकारी (सीओ) के दिशानिर्देशों के तहत ही कानूनी कार्रवाई की जाती है।
- जनसेवा का भरोसा: उन्होंने नेताओं को भरोसा दिलाया कि आम जनता की समस्याओं का त्वरित और पारदर्शी समाधान किया जाएगा।
ओपी प्रभारी के इस सकारात्मक और बेबाक रवैये के बाद आंदोलनकारियों का रुख भी नरम पड़ा और उन्होंने संतुष्टि व्यक्त की।

ये प्रमुख चेहरे भी रहे मौजूद
कार्यक्रम को केंद्रीय कमिटी सदस्य हलधर महतो, प्रखंड सचिव मनोवर हसन बंटी, किसान नेता अरुण विद्यार्थी, रामेश्वर ठाकुर, लखन हंसदा, रामरतन वर्मा, भागीरथ पंडित, रंजीत यादव, मोती पासवान, दिलीप शर्मा, रणजीत शर्मा, रोहित हाजरा, सुधीर साह, पंचानन ओझा, तेजो दास, जहीर अंसारी, बाबूलाल मंडल सहित कई अन्य स्थानीय कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया।




