Last Updated on August 31, 2026 by Gopi Krishna Verma

जमुआ। अरबाज अंसारी ने एक महीने पहले ही जिंदगी का नया सफर शुरू किया था। आंखों में खूबसूरत सपने थे और कंधों पर परिवार की जिम्मेदारियां। वह हर दिन मेहनत करता था ताकि अपनी नई-नवेली दुल्हन के चेहरे पर मुस्कान ला सके। लेकिन किसे पता था कि दरियाडीह का वह निर्माणाधीन मकान उसकी जिंदगी का आखिरी पड़ाव बन जाएगा।
सोमवार दोपहर जब अरबाज प्लास्टर कार्य के दौरान ऊपर लटके तिरपाल को हटा रहा था, तभी वह विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आ गया। एक तेज झटका, और पल भर में सब कुछ खत्म हो गया। जब तक लोग कुछ समझ पाते, अरबाज की सांसें थम चुकी थीं।

चुंगलो के सलैया गांव से आई बहु अभी अपने नए घर की दीवारों और रिश्तों को पहचान भी नहीं पाई थी कि किस्मत ने उसका सुहाग छीन लिया। जिस घर में महीने भर पहले शहनाइयां गूंज रही थीं, वहां से अब चीत्कारें उठ रही हैं। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव का हर शख्स इस अनहोनी से स्तब्ध है।




