डीसी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला खनन टास्क फोर्स एवं जिला पर्यावरण समिति की समीक्षा की, दिए आवश्यक दिशा-निर्देश

Last Updated on August 24, 2026 by Gopi Krishna Verma पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई, औद्योगिक इकाइयों एवं संस्थानों की नियमित जांच के निर्देश गिरिडीह। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला खनन टास्क फोर्स एवं जिला पर्यावरण समिति की अलग-अलग समीक्षा बैठकें कीं।…

Last Updated on August 24, 2026 by Gopi Krishna Verma

पर्यावरणीय मानकों के उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई, औद्योगिक इकाइयों एवं संस्थानों की नियमित जांच के निर्देश

गिरिडीह। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला खनन टास्क फोर्स एवं जिला पर्यावरण समिति की अलग-अलग समीक्षा बैठकें कीं। जिला खनन टास्क फोर्स की बैठक में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण, सरकारी राजस्व की सुरक्षा तथा विधिसम्मत खनन गतिविधियों की समीक्षा की गई। वहीं, जिला पर्यावरण समिति की बैठक में पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन एवं अपशिष्ट प्रबंधन से संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

अवैध खनन एवं खनिजों के अवैध परिवहन पर सख्ती

बैठक में उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि जिले में अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध Zero Tolerance की नीति के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, वैधानिक खनन व्यवस्था एवं सरकारी राजस्व की सुरक्षा जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी अथवा अवैध गतिविधियों में संलिप्तता पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त ने खनन विभाग, पुलिस प्रशासन एवं वन विभाग को बेहतर समन्वय के साथ नियमित एवं प्रभावी संयुक्त जांच/छापेमारी अभियान संचालित करने का निर्देश दिया। संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर विशेष निगरानी रखने, चेक पोस्ट एवं पिकेट पर खनिज परिवहन करने वाले वाहनों की सघन जांच करने तथा बिना वैध चालान, ओवरलोडिंग अथवा अवैध रूप से खनिज परिवहन करते पाए जाने वाले वाहनों के विरुद्ध तत्काल विधिसम्मत कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया।

उन्होंने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों, अनुमंडल पुलिस पदाधिकारियों एवं अंचल अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में नियमित निरीक्षण एवं जांच अभियान चलाने तथा अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण से संबंधित मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि जिले में खनन गतिविधियां निर्धारित नियमों एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप ही संचालित हों। खनिज संपदा के अवैध दोहन से न केवल सरकारी राजस्व को नुकसान होता है, बल्कि इससे पर्यावरण एवं स्थानीय जनजीवन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। ऐसे में अवैध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित एवं जवाबदेह तरीके से कार्य करना होगा।

पर्यावरण संरक्षण एवं प्रदूषण नियंत्रण पर विशेष जोर

बैठक के दूसरे चरण में जिला पर्यावरण समिति के अंतर्गत जिले में पर्यावरण संरक्षण, वायु एवं जल प्रदूषण नियंत्रण, औद्योगिक प्रतिष्ठानों द्वारा पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों की प्रगति की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छ, सुरक्षित एवं संतुलित पर्यावरण सतत विकास की आधारशिला है। पर्यावरणीय मानकों का उल्लंघन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को औद्योगिक क्षेत्रों, स्टोन माइंस एवं स्टोन क्रशरों, अवैध डंपिंग स्थलों तथा अन्य संवेदनशील क्षेत्रों का नियमित निरीक्षण करते हुए आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने औद्योगिक प्रतिष्ठानों में Rain Water Harvesting, ETP/STP के प्रभावी संचालन तथा औद्योगिक कचरे के वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर बल दिया। किसी भी औद्योगिक इकाई द्वारा ठोस अपशिष्ट अथवा अन्य प्रदूषक पदार्थों की अनियंत्रित या अवैध डंपिंग नहीं किए जाने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने नगर एवं औद्योगिक क्षेत्रों में नालों की नियमित सफाई तथा दूषित जल का समुचित उपचार करने के उपरांत ही उसे नदी अथवा अन्य जलस्रोतों में प्रवाहित करने पर विशेष जोर दिया। औद्योगिक प्रतिष्ठानों से निकलने वाले धुएं एवं अन्य प्रदूषक उत्सर्जन की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े प्रावधानों का अनुपालन नहीं करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करें।

अस्पतालों, नर्सिंग होम, होटल एवं अन्य संस्थानों को भी निर्धारित पर्यावरणीय मानकों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। विशेष रूप से नर्सिंग होम एवं स्वास्थ्य संस्थानों में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आवश्यक Consent to Operate (CTO) प्राप्त होने की जांच करने तथा बिना आवश्यक स्वीकृति के संचालित संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि खनन गतिविधियों और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। विकासात्मक एवं औद्योगिक गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुरूप संचालित हों तथा प्राकृतिक संसाधनों, जल, वायु एवं भूमि के संरक्षण के लिए प्रभावी निगरानी एवं प्रवर्तन सुनिश्चित किया जाए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक, पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी, सिविल सर्जन, जिला खनन पदाधिकारी, वीसी के माध्यम से सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, वन विभाग, नगर निगम, झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, सीसीएल एवं संबंधित विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।

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Pappu Kumar Verma

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Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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