गरायंडीह में सरकारी सड़क व जलनिकासी मार्ग पर अतिक्रमण, एक साल बाद भी नहीं हुई कोई कार्रवाई, ग्रामीणों में आक्रोश

0

Last Updated on January 18, 2026 by Gopi Krishna Verma

बिरनी। प्रखंड क्षेत्र के शाखाबारा पंचायत अंतर्गत ग्राम गरायंडीह में सरकारी सड़क, पुल–पुलिया एवं वर्षा जलनिकासी मार्ग पर अतिक्रमण का मामला एक वर्ष बीत जाने के बाद भी जस का तस बना हुआ है।

ग्रामीणों के द्वारा गांव के हीं लक्ष्मण वर्मा पिता बिष्णु महतो एवं कामदेव वर्मा पिता परमेश्वर महतो पर सरकारी संरचना और जलनिकासी मार्ग को अवरुद्ध करने का आरोप है। इस संबंध में ग्रामीणों के द्वारा पिछले वर्ष जनवरी 2025 से ही अंचल अधिकारी बिरनी से जांच कर अतिक्रमण मुक्त कराने का अनुरोध किया जा रहा है, परंतु आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। यह स्थिति अंचल कार्यालय की ढुलमुल कार्यप्रणाली को उजागर करती है।

दस्तावेजों के अनुसार, अनुमंडल पदाधिकारी द्वारा 9 जुलाई 2025 (पत्रांक 110) को अंचल अधिकारी बिरनी को कार्रवाई का निर्देश दिया गया। इसके बाद अंचल अधिकारी ने 3 जुलाई 2025 (पत्रांक 758) के माध्यम से कामदेव वर्मा को सरकारी आदेश की अवहेलना का दोषी पाते हुए एक सप्ताह के भीतर अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया। वहीं 2 जुलाई 2025 (पत्रांक 756) को भरकट्टा ओपी प्रभारी से तत्काल रोक लगाने और समुचित कार्रवाई का अनुरोध किया गया था। बावजूद इसके अतिक्रमण नहीं हटाया गया।

मामला आगे बढ़ते हुए 1 अगस्त 2025 को आवेदक उपायुक्त गिरिडीह द्वारा आयोजित जनता दरबार में उपस्थित हुआ। उपायुक्त ने 3 अगस्त 2025 (पत्रांक 2848) के माध्यम से अनुमंडल पदाधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद अंचल बिरनी को भी निर्देशित किया गया। यह मामला जनसमाधान पोर्टल गिरिडीह पर 25 अगस्त 2025 को दर्ज हुआ, जिसकी समीक्षा स्वयं उपायुक्त महोदय करते हैं।इसके बाद भी अनुमंडल पदाधिकारी बगोदर–सरिया द्वारा कई रिमाइंडर जारी किए गए।

अनुमंडल पदाधिकारी के पत्रांक 1270 (23 दिसंबर 2025) एवं पत्रांक 1296 (31 दिसंबर 2025) के माध्यम से अंचल अधिकारी बिरनी को अतिक्रमण मुक्त कराने का स्पष्ट आदेश दिया गया। साथ ही उपायुक्त गिरिडीह ने 25 दिसंबर 2025 को पत्रांक 4110 जारी कर जलनिकासी मार्ग चालू कराने हेतु समुचित कार्रवाई का निर्देश दिया।हालांकि, अंचल अधिकारी बिरनी द्वारा दो बार स्थल निरीक्षण किए जाने के बावजूद आज तक अतिक्रमण हटाने की कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। विभागीय आदेशों की लगातार अवहेलना और प्रशासनिक उदासीनता अब चिंता का विषय बनती जा रही है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है।

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *